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गोविंदा से सलमान खान संग काम कर चुकीं एक्ट्रेस अब इंडस्ट्री से दूर हो चुकी हैं. मगर एक वक्त था जब उन्होंने साउथ में भी दबाकर काम किया. मगर टाइपकास्ट होने की वजह से वह धीरे धीरे इंडस्ट्री से ओझल हो गईं.

फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा कई कलाकारों के साथ होता है कि वह करियर में सिर्फ टाइपकास्ट होकर रह जाते हैं. मतलब कि एक ही जैसे रोल करते करते करियर बीत जाता है. इस चीज से कुछ स्टार्स थक जाते हैं और बड़ा फैसला लेने पर मजबूर हो जाते हैं. ऐसा ही कुछ हुआ था सलमान खान की हीरोइन के साथ भी हुआ. सोचिए जो हीरोइन इतने बड़े स्टार के साथ काम तो किया लेकिन फिर समय के साथ साथ ओझल हो गयी है.

इस एक्ट्रेस का नाम है कंचन. जिन्होंने छोटी ही उम्र में तय कर लिया था कि वह एक्टिंग के क्षेत्र में ही करियर बनाएंगे. कॉलेज के दिनों में उन्होंने मॉडलिंग शुरू की. पढ़ाई के साथ साथ उन्होंने अपना काम भी जारी रखा. फिर इनपर नजर पड़ी फिल्ममेकर सावन कुमार की नजर पड़ी और उन्होंने कंचन को अपनी फिल्म में कास्ट कर लिया.

ये फिल्म थी सनम बेवफा. जिसमें सलमान खान लीड रोल में थें और फिल्ममेकर हीरोइन की बेस्ट फ्रेंड का रोल निभाने के लिए एक लड़की की तलाश कर रहे थे. जैसे ही कंचन की फोटोज को डायरेक्टर ने देखा तो उन्होंने उन्हें ऑडिशन के लिए बुलाया. सावन कुमार को कंचन का काम पसंद आया और उन्होंने एक्ट्रेस को करियर की पहली फिल्म थमा दी.

सनम बेवफा की चर्चा काफी हुई. कंचन ने भी अपनी छाप छोड़ी और उन्हें इस प्रोजेक्ट के बाद एक के बाद एक ऑफर मिलने लगे. इसके बाद कंचन ने दो हंसों का जोड़ा, औलाद के दुश्मन, कसम तेरी कसम, पड़ाव से लेकर कई फिल्मों में काम किया. सलमान खान के अलावा वह अक्षय कुमार के साथ भी नजर आईं.

अगर कंचन की सबसे यादगार परफॉर्मेंस की बात करें तो वह डेविड धवन की 1995 की ब्लॉकबस्टर कुली नंबर वन में नजर आईं. जहां लीड रोल में गोविंदा और करिश्मा कपूर थे. फिल्म में कंचन ने करिश्मा कपूर की बहन का रोल प्ले किया था. इसके अलावा उन्हें “हुस्न है सुहाना” के लिए भी याद किया जाता है.

मगर एक वक्त ऐसा आया जब फिल्म इंडस्ट्री का ट्रेंड करने बदलने लगा. सीधी-साधी लड़की के रोल के बजाय ग्लैमरस और बोल्ड रोल की मांग ज्यादा होने लगी. नतीजा ये हुआ कि कंचन ऐसे रोल में फिट नहीं हो पा रही थीं और काम की किल्लत होने लगी.

कंचन को मिलने वाले रोल धीरे-धीरे कम होने लगे. ऐसे में उन्होंने नए काम के लिए साउथ इंडस्ट्री का रुख भी किया. जहां उन्होंने सुपरस्टार मोहनलाल के साथ मलयालम फिल्म ‘गंधर्वम’ से डेब्यू किया. यह फिल्म हिट साबित हुई और इसके बाद कंचन ने ‘प्रेमा पुस्तकम’ और ‘लकी चांस’ जैसी फिल्मों में काम किया. अच्छी बात ये थी कि कंचन ने साउथ में भी शानदार फिल्मों में काम किया और अपनी पहचान बनाई रखी.

मगर कंचन का पीछा एक चीज ने नहीं छोड़ा, वो था टाइपकास्ट. सनम बेवफा के बाद से वह लगातार सेकेंडरी रोल्स ही हासिल कर पा रही थीं. जैसे कभी सहेली का रोल तो कभी विलेन की बेटी तो कभी बहन का रोल. मगर वह कभी खुलकर लीड रोल में सामने नहीं आ पाई.

उन्होंने राम और श्याम, इतिहास, मोहब्बत और जंग जैसी फिल्मों में काम तो किया लेकिन वह सपोर्टिंग रोल की इमेज तोड़ नहीं पाईं. इस तरह वह फिल्म इंड्सट्री से भी दूर हो गईं. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि आज के समय में वह मुंबई के एक स्कूल में ड्रामा टीचर हैं.
August 29, 2025, 13:12 IST





