भारत » सेना, सरकारी अधिकारी… हमारे 15 अफसरों के टच में था पाकिस्तान का जासूस, CRPF के ASI की जांच में सनसनी खेज खुलासा

सेना, सरकारी अधिकारी… हमारे 15 अफसरों के टच में था पाकिस्तान का जासूस, CRPF के ASI की जांच में सनसनी खेज खुलासा

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भारतीय सेना और अन्य खुफिया जानकारी पाकिस्तान के जासूस को देने वाले सीआरपीएफ के एएसआई की जांच से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच एजेंसी ने पाया है कि एएसआई का पाकिस्तानी हैंडलर भारतीय सेना, अर्धसैनिक बल के साथ…और पढ़ें

हमारे 15 अफसरों के टच में था पाकिस्तान का जासूस, CRPF ASI की जांच में खुलासापाकिस्तान के लिए जासूसी करवने वाले सीारपीएफ के जवान की जांच में बड़ा खुलासा.
CRPF ASI Moti Ram Jat:  केंद्रीय जांच एजेंसियां पाकिस्तान के जासूस को खुफिया जानकारी देने वाले सीआरपीएफ के एएसआई मोती राम जाट केस की जांच कर रही है. सोमवार को जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच एजेंसी ने बताया पाकिस्तानी खुफिया एजेंट भारत के कई अफसरों के संपर्क में था. एएसआई जाट ने ना केवल खुफिया जानकारी कंप्रोमाइज किया था बल्कि कई अफसरों के नंबर भी शेयर किए थे. जांच एजेंसी ने बताया कि पाकिस्तानी एजेंट भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और सरकारी काम से जुड़े 15 अन्य लोगों से फोन पर संपर्क में था.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जाट को 27 मई को गिरफ्तार किया था. केंद्रीय एजेंसियों ने खुलासा जाट के मामले में खुलासा किया. जांच में पता चला कि वह कथित तौर पर पाकिस्तानी एजेंटों के साथ गोपनीय जानकारी साझा कर रहा था. जाट पहलगाम में सीआरपीएफ बटालियन में तैनात था. 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले से ठीक पांच दिन पहले उसका दिल्ली तबादला हुआ था. बता दें कि पहलगाम हमले में 26 हिंदू टूरिस्ट मारे गए थे. टेक्निकल सर्विलांस की मदद से जांच मे पता चला कि सीआरपीएफ का जवान पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था.

पाकिस्तानी जासूस 15 लोगों के संपर्क में था

पाकिस्तानी जासूस का कोड नाम सलीम अहमद है. वह कम से कम 15 अन्य अफसरों से फोन संपर्क में था. सूत्रों ने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड और इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच करने के बाद पता चला कि इनमें से चार नंबर सेना के कर्मियों के हैं, चार अन्य अर्धसैनिक बलों के हैं और शेष सात केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के हैं. केंद्रीय एजेंसियां ​फिलहाल सभी 15 फोन नंबरों की जांच कर रही है.

कोलकाता से लिया था सिम

सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को यह भी पता चला है कि जिस फोन नंबर के जरिए जाट से संपर्क किया गया था, उसने उस सिम कार्ड को कोलकाता से एक व्यक्ति ने खरीदा था. उसने एक्टिवेशन ओटीपी लाहौर में बैठे पाकिस्तानी एजेंट के साथ शेयर किया था. सूत्रों ने बताया, ‘कोलकाता के इस व्यक्ति ने 2007 में एक पाकिस्तानी नागरिक से शादी की थी. 2014 में पाकिस्तान चला गया था. वह साल में दो बार कोलकाता आया था.’

12 हजार के लिए शेयर किया खुफिया जानकारी

केंद्रीय जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच से पता चला है कि पिछले दो सालों में जाट ने कथित तौर पर लाहौर में अपने हैंडलर को 12,000 रुपये के लगातार पेमेंट ‘संवेदनशील दस्तावेज’ भेजे थे. ये पैसे जाट और उसकी पत्नी के बैंक खातों में दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम और पश्चिम बंगाल सहित कई जगहों के खातों से जमा की गई थी.

कौन है पैसा भेजने वाला?

जांच विभाग के सूत्रों ने बताया कि जाट को पैसा भेजने वालों में से एक की पहचान शहज़ाद के रूप में हुई है. उसे मई में उत्तर प्रदेश एटीएस ने कपड़े, मसाले और सौंदर्य प्रसाधनों की सीमा पार तस्करी करते हुए आईएसआई के आकाओं को कथित तौर पर गोपनीय जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया था. शहज़ाद का कहना है कि एक बार पंजाब से दिल्ली जा रही ट्रेन में एक सह-यात्री ने उसे अपने परिवार के किसी सदस्य को पैसे भेजने के लिए कहा था, जिसके बाद उसने जाट को 3,500 रुपये भेजे थे. उसने दावा किया कि सह-यात्री ने उसे ऑनलाइन लेनदेन करने के लिए 3,500 रुपये नकद दिए थे.

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Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व… और पढ़ें

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