अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ चेतावनियों से भारत डरने या झुकने वाला नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को साफ-साफ शब्दों में अमेरिका को यह बता दिया है. यह टैरिफ कल यानी बुधवार 27 अगस्त से लागू होने वाला है. इसे लेकर पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ का असर चाहे जितना भी हो, उनकी सरकार अपने किसानों, छोटे व्यापारियों और पशुपालकों के हितों की रक्षा हर हाल में करेगी.
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि अमेरिका के दबाव से सरकार झुकेगी नहीं. इसके साथ ही उन्होंने इस टैरिफ वॉर की काट निकालते हुए बताया कि भारत ब्रिटेन, ईयू और आसियान जैसे दूसरे देशों से ट्रेड डील पर बात कर रहा है. पीएम मोदी ने इस दौरान लोगों से ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को एक बार फिर मजबूती से आगे बढ़ाने की अपील की.
अहमदाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए
पीएम मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि किसानों और छोटे उद्योगों का हित केंद्र सरकार के लिए सर्वोपरि है. उन्होंने कहा कि उन पर दबाव बढ़ सकता है, लेकिन वे इसे सहन करेंगे और किसी को कोई नुकसान नहीं होने देंगे. पीएम मोदी ने कहा, ‘आज दुनिया में आर्थिक स्वार्थ से प्रेरित राजनीति किस प्रकार हो रही है, यह आप सभी देख रहे हैं. अहमदाबाद की इस धरती से, मैं अपने छोटे उद्यमियों, दुकानदारों, किसानों और पशुपालकों से कहना चाहता हूं. मेरी सरकार छोटे उद्यमियों, किसानों और पशुपालकों को कोई नुकसान नहीं होने देगी.’
‘मेरे यहां स्वदेशी बिकता है’
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में देशवासियों को ‘मेड इन इंडिया’ सामान ही खरीदना चाहिए और दुकानदारों को गर्व के साथ यह संदेश देना चाहिए कि उनकी दुकान पर केवल स्वदेशी सामान बिकता है.
मोदी ने कहा, ‘अब नवरात्रि, विजयदशमी, धनतेरस, दीपावली जैसे बड़े त्योहार आ रहे हैं. ये हमारे सांस्कृतिक पर्व हैं, लेकिन इन्हें आत्मनिर्भरता के पर्व भी बनाना चाहिए. जो भी खरीदें, वह स्वदेशी हो, भारतीय हो.’ उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर बड़े अक्षरों में बोर्ड लगाएं जिस पर लिखा हो-‘मेरे यहां स्वदेशी बिकता है.’
प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे कदम भी देश की तरक्की में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘हमें गर्व होना चाहिए कि हम अपने देश में बनी वस्तुओं को आगे बढ़ा रहे हैं. यही आत्मनिर्भर भारत का मार्ग है और यही भारत की समृद्धि का रास्ता है.’
‘कोई नुकसान नहीं होंगे देंगे’
पीएम मोदी ने कहा, ‘आज दुनिया में हम सब देख रहे हैं कि नीतियां स्वार्थ और राजनीति से प्रेरित होकर बनाई जा रही हैं. लेकिन मैं इस धरती से किसानों, छोटे दुकानदारों, पशुपालकों और छोटे उद्यमियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मेरी सरकार आपके हितों की रक्षा करेगी. चाहे कितना भी दबाव क्यों न आए, हम उसे सहेंगे, लेकिन आपको कोई भी नुकसान नहीं होने देंगे.’
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने भारत से आने वाले सामान पर पहले से लागू 25 प्रतिशत टैरिफ के ऊपर 25 प्रतिशत और बढ़ाकर कुल 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है. ट्रंप ने भारत के खिलाफ इस एक्शन का कारण रूसी तेल की खरीद और भारतीय व्यापार नीतियों को बताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत मित्र देश है, लेकिन उसके ऊंचे टैरिफ और सख्त व्यापारिक बाधाएं अमेरिका के लिए मुश्किल बनती हैं.
इस अप्रत्याशित कदम के चलते दिल्ली में होने वाली व्यापार वार्ता अचानक टल गई और सितंबर-अक्टूबर तक होने वाली द्विपक्षीय व्यापार संधि (BTA) पर भी सवाल खड़े हो गए.
ब्रिटेन, EU, आसियान खोलेंगे नए द्वार!
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपने हितों से समझौता नहीं करेगा और समानांतर रूप से ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, ईएफटीए और आसियान के साथ व्यापार वार्ताओं को आगे बढ़ा रहा है. साथ ही, अमेरिका के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा तनाव के बावजूद भारत अपने नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देगा.
पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा, ‘गांधी की इस धरती से मैं फिर वादा करता हूं कि किसानों, पशुपालकों और छोटे व्यापारियों को नुकसान पहुंचाने वाली कोई भी नीति मोदी स्वीकार नहीं करेगा. चाहे कितना भी दबाव क्यों न हो, आपके हित मेरे लिए सर्वोपरि हैं.’