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Donald Trump News: डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाया, पाकिस्तान के आसिम मुनीर को बुलाया और अब साउथ कोरिया पर दबाव बनाकर नॉर्थ कोरिया के किम जोंग उन से मिलने की इच्छा जता रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति अपनी…और पढ़ें
ट्रंप दबाव की राजनीति खेल रहे हैं. (File Photo)ट्रंप ने मढ़ दिए आरोप
दोनों नेता अपने पहले शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहे थे, तभी ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर बिना कोई सबूत दिए कहा कि दक्षिण कोरिया में “सफाई या क्रांति जैसा कुछ प्रतीत होता है” और “हम वहां ऐसा नहीं कर सकते और न ही व्यापार कर सकते हैं.” यह बयान न केवल साउथ कोरिया के लिए अप्रत्याशित था, बल्कि उनकी अमेरिका-केंद्रित विदेश नीति पर भी सवाल खड़ा करता है. ट्रंप ने कारण स्पष्ट नहीं किए, लेकिन यह टिप्पणी कोरियाई अति-दक्षिणपंथी समूहों और पूर्व राष्ट्रपति युन के समर्थकों के आरोपों से मेल खाती दिख रही है.
उधर, ट्रंप ने साउथ कोरिया के कट्टर दुश्मन नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन से मिलने की इच्छा जताकर अपने इस क्लोज अलाई को बुरी तरह शॉक कर दिया है. विश्लेषक मानते हैं कि ट्रंप की रणनीति हर स्थिति में अमेरिका के आर्थिक और सुरक्षा हितों को प्राथमिकता देने की है. भारत और साउथ कोरिया में उसकी नीतियों का अंतर साफ दिखता है. भारत के मामले में उन्होंने पाकिस्तान को बुलाकर क्षेत्रीय तनाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जबकि साउथ कोरिया में वह सीधे आर्थिक और सुरक्षा दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है.
सुरक्षा के लिए US पर निर्भर साउथ कोरिया
साउथ कोरिया अमेरिकी सुरक्षा पर भारी निर्भर है. विशेषकर सैनिक तैनाती और परमाणु रोधक उपायों के संदर्भ में वो अमेरिका पर निर्भर है. ली जे-म्यंग का लक्ष्य अमेरिका और चीन के बीच संतुलन बनाए रखना है. ट्रंप के बयान ने वार्ता के पूर्व माहौल को तनावपूर्ण बना दिया. ट्रंप की यह नीति बताती है कि वह अलग-अलग देशों के साथ अपनी रणनीति परिस्थितियों के हिसाब से बदलते हैं. भारत को यह सुरक्षा संवाद का अवसर मिला, जबकि साउथ कोरिया को व्यापार, परमाणु शक्ति और रक्षा खर्च जैसे मुद्दों पर गंभीर दबाव झेलना पड़ रहा है. यह दोनों मामलों से स्पष्ट है कि ट्रंप की विदेश नीति बहुपरतीय, परिस्थिति-निहित और कभी-कभी अप्रत्याशित रहती है.

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें
August 26, 2025, 00:00 IST





