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Rahul Gandhi Tejashwi Yadav News: पूर्णिया में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद क्या महागठबंधन में नेतृत्व को लेकर असमंजस बढ़ा? क्या तेजस्वी यादव बिहार चुनाव 2025 में महागठबंधन का चेह…और पढ़ें
क्या तेजस्वी यादव नहीं बनेंगे महागठबंधन में सीएम फेस?पूर्णिया: बिहार की राजनीति में एक बार फिर से महागठबंधन के भीतर नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है. पूर्णिया में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस ने जितनी उम्मीदें जगाईं, उतने ही सवाल भी खड़े कर दिए. बिहार में आरजेडी के सीएम फेस ढोल बजा-बजाकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने की बात कर रहे हैं. लेकिन जब पूर्णिया में राहुल गांधी से पत्रकारों ने तेजस्वी को सीएम बनाने का सवाल किया तो वह हंसुआ के बियाह में खुरपी का गीत यानी सवाल कुछ और जवाब कुछ देने लगे. इससे तेजस्वी यादव के साथ-साथ उनके सिपहसलार संजय यादव भी चौंक गए. ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या राहुल गांधी तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा मानते हैं? या फिर कांग्रेस की नजरें किसी और फार्मूले पर है?
तेजस्वी को राहुल पसंद… लेकिन उलझन क्यों?
लेकिन जब एक पत्रकार ने सवाल किया? तेजस्ली यादव एक तरीके से कह चुके हैं कि जब देश में अगली सरकार बनेगी तो राहुल गांधी पीएम बनेंगे. संविधान बचाने के लिए, लोकतंत्र बचाने के लिए लोगों को भरोसा है कि आप उस पर काम करेंगे. लेकिन आपकी पार्टी साफ क्यों नहीं कर रही है तेजस्वी यादव बिहार के सीएम बनेंगे? इस सवाल पर राहुल गांधी ने सीधा जवाब न देकर घुमाकर जवाब दिया. राहुल गांधी ने सीधा जवाब देने से परहेज किया. उन्होंने कहा, देखिए बहुत अच्छे तरीके से एक पार्टनरशीप बनी है. सारी की सारी पार्टियां एक साथ जुड़कर काम कर रही हैं. कोई टेंशन नहीं म्यूचु्अल रिस्पेक्ट है. एक-दूसरे की मदद हो रही है मजा भी आ रहा है. आइडेलोजिकली हम एलान्इड हैं, पॉलिटिकली हम एलान्इंड हैं. बहुत अच्छा रिजल्ट आएगा मगर वोट चोरी को रोकना है.’
महागठबंधन का सीएम चेहरा कौन?
किस रणनीति पर काम कर रहे राहुल गांधी
तेजस्वी यादव, जो पिछले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लगभग चुनौती देने की स्थिति में आ गए थे, आज भी महागठबंधन के सबसे लोकप्रिय नेता माने जाते हैं. उनका जनाधार, खासकर युवा और पिछड़े तबके में काफी मजबूत है. तेजस्वी ने कई बार राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से ‘नेता’, ‘मार्गदर्शक’ और ‘संघर्षशील’ नेता बता चुके हैं. वे कांग्रेस को सम्मान देते हुए आगे बढ़ना चाहते हैं. लेकिन कांग्रेस के भीतर यह चिंता है कि कहीं पूरा महागठबंधन आरजेडी की छत्रछाया में न चला जाए. कांग्रेस चाहती है कि इस बार सीएम चेहरा तय करने से पहले सीट शेयरिंग, मुद्दों की प्राथमिकता और समान नेतृत्व की बातें तय हों.

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें
भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें
August 24, 2025, 18:51 IST





