Agency:एजेंसियां
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India Germany Submarine Deal: भारत-जर्मनी की 70 हजार करोड़ की डील से हिंद महासागर में भारत की ताकत बढ़ेगी. नई AIP सबमरीन 21 दिन तक पानी के अंदर रहकर दुश्मनों को मात देंगी और नौसेना को रणनीतिक बढ़त देंगी.
भारत-जर्मनी की साझेदारी से 6 AIP सबमरीन बनेंगी. (फाइल फोटो Reuters)यह सबमरीन ‘एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP)’ तकनीक से लैस होंगी. इसका मतलब है कि ये पनडुब्बियां लगातार तीन हफ्ते तक पानी के भीतर अदृश्य रहकर हमला करने में सक्षम होंगी. जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (TKMS) और भारत की मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) मिलकर इनका निर्माण करेंगी.
क्या है प्रोजेक्ट-75 इंडिया?
- छह नई पारंपरिक (कन्वेंशनल) सबमरीन बनाई जाएंगी.
- इनमें होगा AIP सिस्टम, जिससे बिना सतह पर आए 21 दिन तक पानी के अंदर रह सकेंगी.
- सबमरीन भारत में ही बनेगी, इससे घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा.
- जर्मनी से तकनीकी सहयोग मिलेगा, लेकिन लक्ष्य यह भी है कि भारत अपनी स्वदेशी सबमरीन डिजाइनिंग क्षमता विकसित करे.
भारत के पास इस समय 16 पनडुब्बियों का बेड़ा है. इनमें से कई पुरानी हो चुकी हैं. रक्षा सूत्रों के मुताबिक अगले 10 साल में भारत की करीब 10 पनडुब्बियां रिटायर हो जाएंगी. ऐसे में P-75I केवल ज़रूरत ही नहीं बल्कि सुरक्षा मजबूरी भी है.

यह प्रोजेक्ट हिंद महासागर में भारत को रणनीतिक बढ़त देगा. (फाइल फोटो Reuters)
चीन लगातार हिंद महासागर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है. पाकिस्तान भी अपनी अंडरवॉटर ताकत मजबूत कर रहा है. इन हालात में भारत के पास बेहद आधुनिक और लंबे वक्त तक ऑपरेट करने वाली पनडुब्बियां होना बेहद जरूरी है.
दिलचस्प बात यह है कि भारत सिर्फ पारंपरिक पनडुब्बियों पर ही नहीं, बल्कि न्यूक्लियर सबमरीन पर भी तेजी से काम कर रहा है. सरकार दो न्यूक्लियर अटैक सबमरीन (SSN) प्रोजेक्ट को लेकर भी आगे बढ़ रही है. इसमें निजी कंपनियां जैसे L&T भी साझेदारी कर रही हैं. इससे भारत भविष्य में महासागर में किसी भी बड़ी चुनौती का जवाब देने में सक्षम होगा.
डील से मिलेगा रणनीतिक बढ़त
इस प्रोजेक्ट का एक बड़ा मकसद सिर्फ हथियार खरीदना नहीं, बल्कि भारत में आत्मनिर्भर सबमरीन तकनीक तैयार करना भी है. रक्षा सूत्रों के अनुसार जर्मनी से साझेदारी में मिलने वाली तकनीक आने वाले समय में भारत को खुद अपनी पनडुब्बियां बनाने में सक्षम बनाएगी. ANI की रिपोर्ट बताती है कि इस प्रोजेक्ट पर हुई बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा कि चीन और पाकिस्तान की चुनौती का सीधा जवाब इसी प्रोजेक्ट से मिलेगा.
भारत का ‘समंदर मिशन’
अगर सब कुछ तय समय पर चलता है तो अगले कुछ वर्षों में भारतीय नौसेना के पास ऐसी पनडुब्बियां होंगी जो समंदर के नीचे दुश्मन की जासूसी भी करेंगी और जरूरत पड़ने पर हमला भी. साफ है कि हिंद महासागर अब भारत का अखाड़ा बनने जा रहा है. 70 हजार करोड़ की इस डील से भारत ने यह संदेश दे दिया है कि समंदर में अब उसकी दहाड़ और भी ज्यादा गूंजेगी.
Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, …और पढ़ें
Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, … और पढ़ें
August 24, 2025, 03:31 IST





