भारत » उधर बांग्लादेश से जाएंगे पाकिस्तानी इशाक डार, इधर बॉर्डर पार करेंगे BSF चीफ, ढाका में क्या होगा? | BSF DG is going to visit Bangladesh to destroy nefarious designs of Pakistani Deputy PM Ishaq Dar

उधर बांग्लादेश से जाएंगे पाकिस्तानी इशाक डार, इधर बॉर्डर पार करेंगे BSF चीफ, ढाका में क्या होगा? | BSF DG is going to visit Bangladesh to destroy nefarious designs of Pakistani Deputy PM Ishaq Dar

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Now BSF Strike in Bangladesh: मोहम्मद यूनुस राज में बांग्लादेश की भारत से तल्खी बढ़ चुकी है. भारत-बांग्लादेश तल्खी का फायदा पाकिस्तान उठाने में लगा है. यही कारण है कि 13 साल बाद बांग्लादेश पर डोरे डालने के लिए पाकिस्तानी डिप्टी पीएम इशाक डार ढाका जा रहे हैं. इशाक डार आज यानी 23 अगस्त को बांग्लादेश पहुंच रहे हैं. यहां उनकी मुलाकात मोहम्मद यूनुस, विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया से होगी. इतना ही नहीं, ऐसे लोगों से भी उनकी सीक्रेट मीटिंग होगी, जिनका रूख हमेशा भारत विरोधी रहा है. मगर जैसे ही इशाक डार ढाका से निकलेंगे, बांग्लादेश में बीएसएफ चीफ दलजीत सिंह चौधरी के कदम पड़ेंगे.

पहले जानते हैं पाकिस्‍तानी इशाक डार का क्या है प्लान?
दुनिया को दिखाने के लिए पाकिस्तानी डिप्टी पीएम इशाक डार भले बांग्‍लादेशी सत्‍ता में काबिज राजनेताओं, विदेश मामलों के जानकार और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया से मुलाकात कर रहे हों. लेकिन, उनके बांग्‍लादेश जाने का असल मकसद जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश के नेताओं से मिलना है. जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश एक कट्टरपंथी इस्लामी समूह है, जो खुले तौर पर भारत का विरोध करता आया है. अतीत में बांग्‍लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के नरसंहार में इसी कट्टरपंथी संगठन का हाथ बताया गया था. आपको यह भी बता दें कि आतंकियों से संबंधों के चलते जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश पर बीती सरकारों ने प्रतिबंध लगा रहा रखा था. अब लाजमी हैं कि आतंकियों से हमदर्दी रखने वाले इस कट्टपंथी संगठन से इशाक डार की मुलाकात का मकसद भारत विरोधी मंसूबों को अंजाम देना ही होगा.

अब जानते हैं बीएसएफ चीफ क्‍यों जा रहे हैं बांग्‍लादेश
यहां रोचक यह है कि इशाक डार जैसे ही ढाका से पाकिस्‍तान के लिए रवाना होंगे, बॉर्डर सिक्‍योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के चीफ सीमा पार कर बांग्‍लादेश में दाखिल हो जाएंगे. बीएसएफ महानिदेशक चार दिनों तक बांग्‍लादेश की राजधानी ढाका में रहेंगे. दरअसल, ढाका में भारत की सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बांग्लादेश की बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच 56वां महानिदेशक स्तर का बॉर्डर कोऑर्डिनेशन कांफ्रेंस होने जा रही है. 25 अगस्‍त को शुरू होने वाली यह कांफ्रेंस 28 अगस्त 2025 तक ढाका में चलेगी. इस कांफ्रेंस का आयोजन बीजीबी द्वारा किया जा रहा है. इस कांफ्रेंस में भारत की ओर से बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा. जबकि बांग्लादेश की ओर से बीजीबी के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे.

बॉर्डर कोऑर्डिनेशन कांफ्रेंस में इन बातों पर होगी चर्चा
इस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सीमा सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करना है. इस चार दिवसीय कांफ्रेंस के दौरान इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा.

– बांग्लादेशी अपराधियों या नागरिकों द्वारा बीएसएफ कर्मियों और भारतीय नागरिकों पर हमला.
– सीमा पार तस्करी और अवैध घुसपैठ जैसे अपराधों को रोकने की रणनीति पर चर्चा.
– सीमा की सुरक्षा के लिए सिंगल रो फेंस के निर्माण से जुडे़ मुद्दे पर भी दोनों महानिदेशकों के बीच चर्चा.
– बांग्लादेश में सक्रिय भारतीय उग्रवादी समूहों (आईआईजी) के खिलाफ कार्रवाई.
– सीमा पर बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे और इंट्रीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट स्‍कीम (सीबीएमपी) को प्रभावी ढंग से लागू करने के मुद्दे पर भी बात होगी.

क्‍या है बीएसएफ और बीजीबी की मीटिंग का मकसद?
भारत और बांग्लादेश ने 1975 में अपनी सीमा को लेकर कुछ नियम बनाए थे. इन नियमों में कहा गया कि दोनों देशों की बॉर्डर अथॉरिटीज आपस में लगातार बातचीत करेंगे और जरूरी मुद्दों पर तुरंत चर्चा करेंगे. पहली ऐसी मीटिंग 2 दिसंबर 1975 को कोलकाता में हुई थी. इसमें भारत की तरफ से बीएसएफ के डीजी अश्वनी कुमार और बांग्लादेश की तरफ से बीडीआर (अब बीजीबी) के डीजी मेजर जनरल क्वाजी गोलम दस्तगीर शामिल हुए. 1975 से 1993 तक ये मीटिंग हर साल बारी-बारी से दोनों देशों में होती थी. फिर 1993 में ढाका में गृह सचिवों की मीटिंग में तय हुआ कि बीएसएफ और बीजीबी के डीजी अब साल में दो बार दिल्ली और ढाका में मिलेंगे. इन मीटिंग्स का रिकॉर्ड बनाया जाता है और भारत के गृह मंत्रालय को भेजा जाता है. हाल ही में 55वां सीमा समन्वय सम्मेलन 17-20 फरवरी 2025 को दिल्ली में हुआ, ताकि सीमा के मुद्दे सुलझें और दोनों देशों का भरोसा बढ़े.

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