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ISRO chief | Gaganyaan Mission | ISRO Big Update | ISRO Chief V Narayanan – गगनयान मिशन को लेकर आया क्या नया अपडेट, इसरो चीफ ने क्या बताया?

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Gaganyaan Mission News: इसरो ने आज गगनयान 2025 मिशन के लिए भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन के बारे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने की.

कब होगा गगनयान का पहला मिशन लॉन्च करेगा, ISRO चीफ ने बता दी डेट?इसरो चीफ ने बता दी गगनयान मिशन की लॉन्च डेट
नई दिल्ली: इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषणा की कि पहला गगनयान मिशन दिसंबर में लॉन्च किया जाएगा. यह मिशन गगनयान 2025 भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा है.

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने की और इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन भी उपस्थित थे. पहली बार चयनित भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बी. नायर ने मीडिया से बातचीत की. इसरो प्रमुख ने गगनयान मिशन को लेकर भी एक बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने कहा कि इस मिशन के हर स्तर पर हम तेजी से काम कर रहे हैं. मुझे ये बताते हुए खुशी हो रहा है कि हम इस प्रोग्राम के लिए 80 फीसदी काम पूरा कर चुके हैं, जबकि 20 फीसदी मिशन को अगले साल मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा.

मैं लक्ष्मण बनना पसंद करूंगा: प्रशांत बी नायर
इसरो प्रमुख ने गगनयान मिशन को लेकर भी एक बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने कहा कि इस मिशन के हर स्तर पर हम तेजी से काम कर रहे हैं. मुझे ये बताते हुए खुशी हो रहा है कि हम इस प्रोग्राम के लिए 80 फीसदी काम पूरा कर चुके हैं, जबकि 20 फीसदी मिशन को अगले साल मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा. भारत के ‘गगनयान’ मिशन के चालक दल में शामिल ग्रुप कैप्टन प्रशांत बी नायर ने कहा कि अब से कुछ महीनों बाद दिवाली आने वाली है. यही वह समय है, जब राम जी ने अयोध्या में प्रवेश किया था. अभी यहां अगर मैं खुद को लक्ष्मण कह सकूं तो… भले ही मैं उम्र में‘शुक्ला’ से बड़ा हूं, फिर भी मैं किसी दिन इस राम का लक्ष्मण बनना पसंद करूंगा.

शुक्ला ने इसरो के बारे में क्या कहा?
नायर ने कहा कि लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि राम और लक्ष्मण को पूरी वानर सेना से बहुत मदद मिली थी. यहां इसरो की हमारी शानदार टीम वानर सेना की तरह है… उसके बिना यह संभव नहीं होता. शुक्ला ने भारत सरकार, इसरो और उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की.

उन्होंने कहा कि मैं उन सभी लोगों का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जिन्होंने इस मिशन को हमारे देश की जनता तक पहुंचाने में मदद की और इसे सभी के देखने के लिए सुलभ बनाया. अंत में मैं इस देश के प्रत्येक नागरिक का आभार जताना चाहता हूं, जिन्होंने इस तरह से व्यवहार किया, जिससे ऐसा लगा कि यह मिशन वास्तव में उनका है. मुझे सचमुच लगा कि यह पूरे देश के लिए एक मिशन था. मिशन के बारे में विस्तार से बताते हुए शुक्ला ने कहा कि हम क्रू ड्रैगन में सवार होकर फाल्कन-9 यान से उड़ान भरते हुए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचे और फिर दो हफ्ते बाद धरती पर वापस आए. उन्होंने कहा कि प्रक्षेपण फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से किया गया था और वापसी प्रशांत महासागर में सैन डिएगो के तट पर की गई थी. क्रू ड्रैगन उन तीन वाहनों में से एक है, जो वर्तमान में इंसान को अंतरिक्ष में ले जा सकते हैं.

शुक्ला ने कहा कि हम भाग्यशाली थे कि हमें रूस से प्रक्षेपित होने वाले सोयुज और क्रू ड्रैगन पर प्रशिक्षण प्राप्त हुआ. जैसा कि आप जानते हैं, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पृथ्वी की परिक्रमा करने वाली एक प्रयोगशाला है, जो साल 2000 से कार्यरत है. यह अत्याधुनिक प्रयोग कर रहा है और वास्तव में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक आदर्श उदाहरण है. शुक्ला आईएसएस की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं.

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