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हरियाणा और कर्नाटक में फास्टैग सालाना टोल पास की मांग अधिक है. हरियाणा के लोग दिल्ली आने-जाने के कारण अधिक पास खरीद रहे हैं. ऐप को 15 लाख से ज्यादा डाउनलोड मिले हैं.
15 अगस्त से शुरू हो चुका है सालाना टोल पास मिलना.नई दिल्ली. हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए सालाना टोल पास जारी होने शुरू हो चुके हैं. एक ही सप्ताह में आंकड़ा सात लाख पार कर चुका है. पास लेने वालों में जिन राज्यों में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे अधिक हैं, वहां के लोगों ने कम पास खरीदें हैं और जहां पर कम हैं, वहां के वाहन चालक अधिक टोल खरीद रहे हैं. खास बात यह है कि हरियाणा जैसे छोटे राज्य टोल पास खरीदने में दूसरे नंबर पर रहा है. क्या है वजह, यहां जानें-
जानकार बताते हैं कि हरियाणा में सालाना टोल पास अधिक लेने की एक बड़ी वजह यह है, वहां के काफी संख्या में लोग रोजाना दिल्ली आते जाते हैं. इन लोगों को कारोबार के संबंध में आना जाना लगा रहा है. पहले रोजाना टोल चुकाना पड़ता था, जो काफी महंगा पड़ता था. लेकिन फास्टैग सालाना पास शुरू होने से आर्थिक फायदा हो रहा है. इसी वजह से यहां के लोगों ने अधिक फास्टैग टोल पास लिए हैं.
टोल प्लाजा पर फास्टैग सालाना पास के माध्यम से सबसे ज्यादा लेनदेन तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में दर्ज किए गए. यह ऐप गूगल प्ले स्टोर में कुल रैंकिंग में 23वें स्थान पर और ट्रैवल कैटेगरी में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. ऐप को 15 लाख से ज्यादा डाउनलोड मिल चुके हैं.
यह पास लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर लागू है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर हैं. इस पास के लिए 3,000 रुपये का एकमुश्त शुल्क देकर एक साल की वैधता या 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग की सुविधा मिलती है, जिससे बार-बार FASTag रिचार्ज करने की जरूरत खत्म हो जाती है.
New Delhi,New Delhi,Delhi
August 21, 2025, 12:00 IST





