नई दिल्ली. भारतीय सिनेमा और संस्कृति जगत में एक अलग पहचान बनाने वाली प्रोतिमा बेदी की आज भी चर्चा होती है. मॉडलिंग से लेकर डांस तक के सफर में उन्होंने हमेशा समाज की बंदिशों को तोड़ा. उनकी बेटी और एक्ट्रेस पूजा बेदी ने हाल ही में अपनी मां के जीवन, उनकी आजाद ख्याली और उनकी रहस्यमयी मौत से जुड़ी कई दिलचस्प और भावनात्मक बातें शेयर कीं. प्रोतिमा बेदी का 1998 में केदारनाथ और मानसरोवर की यात्रा के दौरान निधन हो गया था, लेकिन आज भी वह लाखों लोगों के दिलों में जिंदा हैं. पूजा ने बताया कि मां को पहले ही अपनी मौत का आभास हो गया था और इसकी उन्होंने सारी तैयारी भी कर ली थी. पूजा का मानना है कि उनकी मां आज भी उनके आस-पास मौजूद हैं
प्रोतिमा बेदी एक मॉडल, डांसर और कोरियोग्राफर थीं. उन्होंने बेंगलुरु के पास ‘नृत्यग्राम’ नामक एक डांस विलेज बनाकर भारतीय शास्त्रीय नृत्य को एक नई पहचान दी. उनकी शादी मशहूर एक्टर कबीर बेदी से हुई थी, जिससे उन्हें दो बच्चे पूजा बेदी और सिद्धार्थ बेदी हुए. प्रोतिमा ने हमेशा समाज के रिवाजों को चुनौती दी और अपनी मर्जी से जिंदगी जीने पर यकीन रखा.
आजाद मिजाज वाली थीं प्रोतिमा, बच्चों ने नहीं करने देती थीं होमवर्क
पूजा बेदी ने बताया कि उनकी मां बेहद प्यार करने वाली और खुले विचारों वाली महिला थीं. उन्होंने कहा, ‘मेरी सबसे पहली यादें हैं कि वह मुझे जुहू बीच पर रेत पर एबीसी सिखाती थीं. वह हमेशा हमें गले लगाती और चूमती रहती थीं. वह एक आजाद मिजाज इंसान थीं, जो हमेशा खुलकर हंसती थीं.’ पूजा ने आगे कहा कि उनकी मां उन्हें होमवर्क करने से भी मना करती थीं. वह कहती थीं, ‘मैं तुम्हें घर का काम स्कूल ले जाने के लिए नहीं देती तो स्कूल का काम घर क्यों लाते हो? यह तुम्हारे साथ मेरा समय है.’
हर भूमिका में परफेक्ट थीं प्रोतिमा
पूजा के मुताबिक, उनकी मां हर भूमिका में बेहतरीन थीं. ‘अगर वह घरेलू बनना चाहतीं तो बन जातीं. वह आजाद पंछी बनना चाहतीं तो बन गईं. बिकिनी पहनना और सिगरेट पीना चाहतीं, तो कर दिखाया. जब साड़ी और गजरे पहनकर क्लासिकल डांसर बनना चाहा, तो बन गईं. फैशन मॉडल बनना चाहा तो रैंप पर चलीं. एक पैशनेट विजनरी बनकर नृत्यग्राम जैसी दुनिया की सबसे बड़ी डांस स्कूल बनाई, तो वह भी कर दिखाया.’
प्रोतिमा बेदी, कबीर बेदी की पहली पत्नी थीं. फाइल फोटो.
मौत का हो चुका था आभास
प्रोतिमा बेदी को अपनी मौत का पहले से ही आभास हो गया था. पूजा ने बताया, ‘वह अपनी वसीयत लेकर मेरे पास आईं, उन्होंने मुझे अपने जेवरात, दस्तावेज और प्रॉपर्टी के कागजात दे दिए और कहा, ‘तुम्हें कभी नहीं पता…’. मैंने कहा, आप इतनी ड्रामा क्यों कर रही हैं? तो उन्होंने कहा, ‘तुम्हें कभी नहीं चलता डार्लिंग’… सिद्धार्थ (प्रोतिमा का बेटा) अब नहीं रहा, उसने आत्महत्या कर ली. तुम ही मेरा एक मात्र सहारा हो और मैं चाहती हूं तुम मुझे जाने दो.’
कुल्लू मनाली से लिखा बेटी का 12 पेज का खत
इसके बाद प्रोतिमा कुल्लू मनाली चली गईं और पूजा को 12 पेज का एक लंबा खत लिखा. पूजा ने बताया, ‘उस खत में उन्होंने अपने जन्म से लेकर बचपन, रिश्तों, शादियों, बच्चों, डांस के सफर और मौत से पहले तक की पूरी जिंदगी का जिक्र किया था. उन्होंने लिखा, ‘मैं कुल्लू में हूं, जिसे देवताओं की घाटी कहते हैं. मैं सभी देवी-देवताओं का शुक्रिया अदा करती हूं. मैं बहुत खुश हूं, बहुत ज्यादा खुश’ और फिर वह चली गईं और उसके बाद हमने उनसे कभी कोई खबर नहीं सुनी’.
शमशान घाट नहीं चाहती है थी प्रोतिमा, मौत आजतक रहस्य
प्रोतिमा बेदी हमेशा कहती थीं कि वह प्रकृति की गोद में मरना चाहती हैं. पूजा ने कहा,’वह नहीं चाहती थीं कि उन्हें किसी शमशान घाट में ले जाया जाए और उनकी राख को गंगा में प्रवाहित किया जाए. वह चाहती थीं कि प्रकृति में विलीन हो जाएं और यही हुआ. उनका शव कभी नहीं मिला. वह ब्रह्मांड और धरती का हिस्सा बन गईं.’ पूजा ने अपनी मां से पेरेंटिंग की बड़ी सीख ली. उन्होंने कहा, ‘मेरी मां ने हमें सिखाया कि एक पेरेंट होने का मतलब है कि आप अपने बच्चे को आत्मनिर्भर बनाएं, ताकि वह आप पर निर्भर न रहे.’
जब मां से पूछा- दूसरी माओं की तरह तुम तो कुछ नहीं पूछती?
पूजा ने एक किस्सा शेयर करते हुए बताया, ‘एक दिन मैंने मां से कहा कि मेरे दोस्तों की माएं उनसे पूछती हैं कि क्या खाओगे? हमारे घर आते हैं तो तरह-तरह की चीजें खिलाती हैं. वे बच्चों की हर बात जानना चाहती हैं. लेकिन तुम तो कुछ नहीं पूछती. तब मां ने हैरान होकर कहा, ‘तुम चाहती हो कि मैं सख्त बनूं?’ फिर उन्होंने कहा, ‘ठीक है, तो तुम अपने बालों में तेल लगाओ, मेरे पैर दबाओ और क्लासिकल डांस सीखो.’ इसलिए तो हम एक दूसरे को वैसे ही स्वीकार करें जैसे हम हैं.