सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (CSDS) और इसके सह-निदेशक संजय कुमार के खिलाफ भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) ने कड़ा रुख अपनाया है. बुधवार को ICSSR ने CSDS को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें निर्वाचन आयोग के विशेष गहन संशोधन (SIR) अभ्यास और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों पर किए गए अध्ययनों के लिए धन के स्रोतों का खुलासा करने को कहा गया है. परिषद ने CSDS पर जानबूझकर डेटा में हेरफेर करने और चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक प्राधिकरण की पवित्रता को कमजोर करने के इरादे से एक कथानक बनाने का आरोप लगाया है.
इस कार्रवाई के साथ ही, नागपुर और नासिक पुलिस ने संजय कुमार के खिलाफ गलत जानकारी फैलाने के लिए प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है, जिससे विवाद और गहरा गया है. ICSSR ने नोटिस में
CSDS पर कई अनियमितताओं का आरोप लगाया है. इनमें यूजीसी नियमों का उल्लंघन करते हुए संकाय नियुक्तियां, शासी निकाय के अध्यक्ष का चुनाव न कराना, निदेशक की नियुक्ति में अपारदर्शी प्रक्रिया और विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत प्राप्त धन के उपयोग का विवरण जमा न करना शामिल है.
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक
CSDS के वार्षिक खातों का CAG/AG द्वारा ऑडिट न कराया जाना और सरकारी आवास में रहने वाले कर्मचारियों को उनके जीवनसाथी के लिए आवंटित सरकारी आवास के बावजूद हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का भुगतान करना भी गंभीर उल्लंघन के रूप में चिह्नित किया गया है. ICSSR ने इसे सामाजिक विज्ञान अनुसंधान करने वाली संस्थाओं के लिए अनुदान नियमों का घोर उल्लंघन बताया है.
सात दिन में जवाब देगा सीएसडीएस
CSDS को नोटिस का जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है और ऐसा न करने पर ICSSR ने अनुदान रद्द करने या वापस लेने सहित उचित कार्रवाई की चेतावनी दी है. परिषद ने यह भी कहा कि CSDS को पहले भी कई शिकायतों के माध्यम से अनियमितताओं की सूचना दी गई थी, लेकिन कार्रवाई न होने से स्थिति और गंभीर हो गई है. दूसरी ओर, संजय कुमार के खिलाफ नागपुर और नासिक में दर्ज FIR ने इस मामले को और जटिल बना दिया है.
संजय कुमार CSDS के लोकनीति कार्यक्रम के सह-निदेशक हैं. उन्होंने 17 अगस्त को एक अब हटाए गए सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि महाराष्ट्र के रामटेक और देवलाली विधानसभा क्षेत्रों में 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में क्रमशः 38.45 फीसदी और 36.82 फीसदी की भारी कमी आई. इस दावे को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पवन खेड़ा सहित विपक्षी नेताओं ने वोट चोरी के अपने आरोपों को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया.
हालांकि, कुमार ने बाद में मंगलवार को माफी मांगते हुए कहा कि उनके डेटा विश्लेषण में गलती हुई थी, क्योंकि उनकी टीम ने गलत निर्वाचन क्षेत्रों (नासिक वेस्ट और हिंगना) के डेटा की तुलना की थी. नागपुर ग्रामीण पुलिस के अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने बताया कि रामटेक के तहसीलदार की शिकायत और जिला निर्वाचन अधिकारी के पत्र के आधार पर कुमार के खिलाफ धारा 175 (चुनाव से संबंधित गलत जानकारी), 353(1)(बी) (सार्वजनिक शरारत), 212 (सार्वजनिक सेवक को गलत जानकारी) और 340 (जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया है. नासिक जिला निर्वाचन अधिकारी ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि CSDS के संजय कुमार ने 126-देवलाली निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता डेटा के बारे में भ्रामक जानकारी दी. उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.