दरअसल, सीपी राधाकृष्णन ने जब नामांकन भरा तब पीएम मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, ललन सिंह, चिराग पासवान समेत अन्य टॉप केंद्रीय मंत्री और एनडीए के नेता भी मौजूद रहे. सीपी राधाकृष्णन ने चार सेटों में नामांकन दाखिल किया. इनमें से प्रत्येक पर 20 प्रस्तावकों और 20 अनुमोदकों के हस्ताक्षर थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले और मुख्य प्रस्तावक थे, क्योंकि उन्होंने नामांकन पत्रों के पहले सेट पर हस्ताक्षर करके उन्हें जमा किया, जबकि शेष सेटों पर अन्य केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए नेताओं ने हस्ताक्षर किए.
सीपी राधाकृष्णन के नामांकन के दौरान एनडीए ने अपनी एकजुटता दिखाई. लोजपा (रामबिलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान, जदयू से ललन सिंह, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी और अपना दल की लीडर अनुप्रिया पटेल समेत एनडीए के अन्य दलों के शीर्ष मंत्री नामांकन दाखिल करते समय सी.पी. राधाकृष्णन के साथ दिखे. इसमें सबसे अहम बात यह थी कि एक ओर पीएम मोदी थे तो दूसरी तरफ ललन सिंह. बीच में सीपी राधाकृष्णन मौजूद थे. मतलब सीपी राधाकृष्णन के एक तरफ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और दूसरी तरफ मोदी थे. अब सवाल है कि इसमें खास क्या है.

सीपी राधाकृष्णन के नामांक में मौजूद पीएम मोदी, राजनाथ सिंह और अन्य मंत्री.
राधाकृष्णन के नामांक में नीतीश की ताकत इसलिए दिखी, क्योंकि नंबर के लिहाज से एनडीए में भाजपा का सबसे बड़ा सहयोगी टीडीपी है. चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी के पास 16 तो नीतीश कुमार की जदयू के पास 12 सीटें हैं. बावजूद इसके नीतीश कुमार की पार्टी के ललन सिंह सीपी राधाकृष्ण के बगल में बैठे दिखे. यह अपने आप में दिखाता है कि एनडीए में नीतीश कुमार का रुतबा कितना अधिक है. इसे इस लिहाज से भी समझा जाए कि बिहार में अभी चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में इस तस्वीर का अपना अलग सियासी महत्व है.

सीपी राधाकृष्णन के नामांक में मौजूद पीएम मोदी.
दरअसल, जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफे के बाद यह चुनाव हो रहा है. जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था. फिलहाल सत्तापक्ष ने सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी गठबंधन की ओर से बी. सुदर्शन रेड्डी चुनाव लड़ेंगे.
किसके पक्ष में हैं आंकड़े
अंकगणित और संख्याबल के लिहाज से एनडीए के सी.पी. राधाकृष्णन का पक्ष मजबूत है. वर्तमान में लोकसभा में 543 सांसद हैं, जबकि राज्यसभा में कुल 245 सदस्यों में से 233 सांसद हैं। भाजपा के निचले सदन में 240 और उच्च सदन में 102 सांसद हैं, और सहयोगी दलों के समर्थन से एनडीए के सदस्यों की कुल संख्या 421 (लोकसभा में 298 और राज्यसभा में 128) हो जाती है. अन्य गैर-गठबंधन दलों में वाईएसआरसीपी ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है. उनके 11 सांसदों के साथ सी.पी. राधाकृष्णन के समर्थन में कुल संख्या 433 हो जाती है. दूसरी ओर, ‘इंडिया’ ब्लॉक पार्टियों के पास 235 लोकसभा सांसद और 77 राज्यसभा सांसद हैं. उनकी संयुक्त संख्या 312 है, और अगर आम आदमी पार्टी के 11 सांसदों का समर्थन मिलता है, तो कुल संख्या 325 रहेगी.





