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Ration Card News: केंद्र सरकार ने 1.17 करोड़ अपात्र राशन कार्ड धारकों की सूची बनाई है, जिनमें आयकर दाता, चार-पहिया वाहन मालिक और कंपनियों के निदेशक शामिल हैं. सत्यापन कर इन्हें हटाने का निर्देश दिया गया है.
1.17 करोड़ राशन कार्ड धारकों के नाम काटने की तैयारी में है.खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने यह सूची विभिन्न सरकारी डेटा बेस के साथ राशन कार्ड धारकों के विवरण का मिलान करके तैयार की है. इसमें आयकर विभाग (करदाता), कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (निदेशक) और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (चार-पहिया वाहन मालिक) जैसे विभागों के डेटा शामिल हैं. इस क्रॉस-सत्यापन में पाया गया कि 94.71 लाख राशन कार्ड धारक आयकर दाता हैं, 17.51 लाख के पास चार पहिया वाहन हैं और 5.31 लाख लोग कंपनियों में निदेशक हैं.
अपात्र लाभार्थियों को हटाने की कोशिश
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने पत्र में कहा कि राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (RCMS) में डुप्लिकेट, मृत और निष्क्रिय लाभार्थियों की पहचान पहले ही की जा चुकी है. अब अन्य मंत्रालयों के डेटा के साथ मिलान करके अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की गई है. यह सूची राज्यों को API-आधारित एकीकरण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे ‘राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड’ पर देखा जा सकता है.
चोपड़ा ने राज्यों से आग्रह किया कि वे इन मामलों का सत्यापन कर अपात्र लाभार्थियों को हटाएं और डेटा को शुद्ध करें. उन्होंने कहा कि यह कदम लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) की निष्पक्षता और अखंडता को मजबूत करेगा. इससे उन जरूरतमंद लोगों को शामिल करने का रास्ता खुलेगा, जो अभी तक इस योजना से वंचित हैं. केंद्र ने पहले भी 2021-2023 के दौरान 1.34 करोड़ फर्जी या अपात्र राशन कार्ड रद्द किए थे. NFSA के तहत 81.35 करोड़ लोगों को कवर करने की सीमा है, जिसमें शहरी क्षेत्रों में 50 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 75 फीसदी आबादी शामिल है. एनडीए सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है.

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
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August 20, 2025, 06:41 IST





