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Rahul Gandhi Vote Adhikar Yatra: राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने बिहार में सियासी हलचल बढ़ाई है. नवादा, शेखपुरा और लखीसराय में महागठबंधन की रणनीति भूमिहार वोटरों को लुभाकर सीटों के समीकरण को बदलेगा?
क्या भूमिहारों के गढ़ में राहुल-तेजस्वी की जोड़ी खेल करने वाली है?पटना. कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने बिहार में सियासी हलचल तेज कर दी है. 17 अगस्त 2025 को सासाराम से शुरू हुई यह यात्रा 19 अगस्त को नवादा पहुंची. राहुल की यात्रा शेखपुरा और लखीसराय से होकर भी गुजरने वाली है. भूमिहार बहुल क्षेत्रों में राहुल की इस यात्रा का अब मायने निकाले जा रहे हैं. इन क्षेत्रों में भूमिहार समुदाय का प्रभावशाली वोट बैंक बिहार की सियासत में निर्णायक भूमिका निभाता है. सवाल यह है कि राहुल-तेजस्वी की यह यात्रा नवादा, शेखपुरा और लखीसराय की कितनी सीटों का गणित बिगाड़ सकती है? राहुल गांधी ने नवादा की सभा में दावा किया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर ‘वोट की डकैती’ कर रहे हैं, जिसे रोकने के लिए यह यात्रा जरूरी है. तेजस्वी यादव ने इसे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का आंदोलन करार दिया. यह यात्रा नवादा, शेखपुरा, और लखीसराय जैसे क्षेत्रों से गुजर रही है, जहां भूमिहार समुदाय की आबादी 20-30% है और उनकी सामाजिक-आर्थिक प्रभावशीलता उन्हें सियासी रूप से निर्णायक बनाती है.
राहुल की यात्रा से लगेगा झटका?
राहुल और तेजस्वी ने नवादा में जनसभाओं और रोड शो के जरिए मतदाताओं से सीधा संवाद किया. तेजस्वी ने हाल ही में बेगूसराय से भूमिहार नेता बोगो सिंह को राजद में शामिल कर एक बड़ा दांव खेला, जो नवादा जैसे क्षेत्रों में भी भूमिहार वोटरों को लुभाने की रणनीति का हिस्सा है. यदि महागठबंधन इस क्षेत्र में दलित, मुस्लिम और भूमिहार वोटों को एकजुट कर पाता है तो बीजेपी की एकमात्र सीट वारिसलीगंज पर दबाव बढ़ सकता है. हालांकि, जेडीयू और बीजेपी का गठबंधन भी भूमिहार वोटों को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा.
नवादा, शेखपुरा और लखीसराय का गणित
भूमिहार क्या करेंगे खेल?
यदि महागठबंधन भूमिहार वोटों को अपने पक्ष में कर पाता है तो कम से कम 5 से 7 सीटों का गणित बिगड़ सकता है. बीजेपी को भूमिहारों का सबसे विश्वसनीय वोट बैंक माना जाता रहा है. भूमिहार नेता भाजपा की राजनीति के प्रमुख चेहरे रहे हैं. भूमिहार क्षेत्रों में यह यात्रा एक नई राजनीति का संकेत देती है, जो यह बताने की कोशिश कर रही है कि भूमिहार समुदाय अब सिर्फ सांप्रदायिक या जातीय ध्रुवीकरण के सहारे मतदान न करे, बल्कि अपने सामाजिक-आर्थिक अधिकारों की भी बात करे. राहुल गांधी का ‘न्याय योजना’ का जिक्र और तेजस्वी का रोजगार व सामाजिक सुरक्षा का वादा भूमिहार युवाओं को भी अपील कर सकता है.

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें
भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें
August 19, 2025, 19:03 IST





