भारत » India China Relations: PM मोदी से‍ मिलने आ रहे जिनपिंग के दूत, 3T पर होगी बात, ज‍ियोपॉल‍िट‍िक्‍स में बहुत कुछ बदलेगा!

India China Relations: PM मोदी से‍ मिलने आ रहे जिनपिंग के दूत, 3T पर होगी बात, ज‍ियोपॉल‍िट‍िक्‍स में बहुत कुछ बदलेगा!

Facebook
Twitter
WhatsApp

Last Updated:

Wang Yi India News: चीनी विदेश मंत्री की भारत यात्रा को दोनों पड़ोसियों द्वारा अपने संबंधों को फिर से सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है. गलवान घाटी में 2020 में हुई सैन्य भि…और पढ़ें

PM मोदी से‍ मिलने आ रहे जिनपिंग के दूत, 3T पर होगी बात, कूटनीति के साथ संदेश..वांग यी की भारत यात्रा कई मायनों में खास मानी जा रही है. (रॉयटर्स)
नई दिल्ली. चीनी विदेश मंत्री वांग यी सोमवार से दो दिवसीय भारत यात्रा पर होंगे और अपनी यात्रा के दौरान वो मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलेंगे. भारत-चीन के बीच सामान्य होते संबंधों के बीच पीएम से चीनी विदेश मंत्री की मुलाकात होगी. भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण (एलएसी) विवाद के बाद यूं तो बाली में G-20 सम्मेलन में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हैंडेशक हुआ था, लेकिन पिछले वर्ष कज़ान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के शीर्ष नेताओं के बीच मुलाकात और द्विपक्षीय बातचीत शुरू हुई थी.

किसी दूसरे देश के विदेश मंत्री का भारत दौरे के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का अवसर मिलना बहुत कम होता है और ये खास संदेश है. वैसे तो वांग यी की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के मकसद हो रही है, लेकिन इसके पीछे की कहानी कुछ और है. दरअसल, भारत और चीन इसके जरिए डोनाल्ड ट्रंप को सीधा संदेश देने की तैयारी भी कर रहे हैं. 3टी (ट्रेड, टैरिफ और ट्रंप) के जरिए दोनों मुल्क अमेरिका को यह बताएंगे कि वह किसी दबाव में नहीं झुकने वाले.

चीनी विदेश मंत्री वांग यी अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ भारत-चीन विशेष प्रतिनिधि स्तर की सीमा वार्ता के 24वें दौर में हिस्सा लेंगे. ऐसी पिछली वार्ता दिसंबर 2024 में बीजिंग में हुई थी. वांग यी 18 अगस्त को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे. 2020 के गलवान संघर्ष के बाद चीनी विदेश मंत्री की ये दूसरी भारत यात्रा है, इससे पहले वो मार्च 2022 में भारत आए थे. पिछले साल यानि अक्टूबर से दोनों देशों के बीच संबंधों को पटरी पर लाने की प्रक्रिया के तहत कई वर्षों के अंतराल के बाद इस वर्ष पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा भी शुरू हुई. इसके अलावा भारत ने चीनी पर्यटकों को वीजा देने की प्रक्रिया की शुरुआत भी कर दी है. जल्द ही दोनों देशों के बीच सीधी हवाई यात्रा की भी शुरुआत होगी जो कि कोरोना काल से बंद पड़ी है.

भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठकों में भाग लेने इसी साल चीन गए थे. इसी महीने 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन SCO शिखर सम्मेलन की मेज़बानी करेगा, जिसमें शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी चीन जाएंगे. 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध तनावपूर्ण और कमजोर थे. लेकिन पिछले वर्ष से दोनों देशों के संबंध सामान्य होने की तरफ बढ़ रहे हैं.

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homenation

PM मोदी से‍ मिलने आ रहे जिनपिंग के दूत, 3T पर होगी बात, कूटनीति के साथ संदेश..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share Market

Share Market

Gold & Silver Price

Should NEET exam be conducted again?

टॉप स्टोरी