भारत » वक्फ एक्ट 2025: UMEED पोर्टल को बंद करे सरकार, AIMPLB ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार – Muslim Personal Law Board approach Supreme Court demand stop Umeed Portal untill Waqf Board Hearing – muslim personal law board approach supreme court demand stop umeed portal untill waqf board hearing

वक्फ एक्ट 2025: UMEED पोर्टल को बंद करे सरकार, AIMPLB ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार – Muslim Personal Law Board approach Supreme Court demand stop Umeed Portal untill Waqf Board Hearing – muslim personal law board approach supreme court demand stop umeed portal untill waqf board hearing

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AIMPLB ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र सरकार के UMEED पोर्टल पर रोक लगाने की मांग की है. बोर्ड का दावा है कि यह पोर्टल वक्फ संपत्तियों पर असर डाल सकता है और इसे “ग़ैरक़ानूनी” बताया है.

वक्फ एक्ट 2025: UMEED पोर्टल को बंद करे सरकार, AIMPLB की SC में गुहारसुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई. (File Photo)
नई दिल्ली. अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. बोर्ड ने मांग की है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए “UMEED पोर्टल” पर रोक लगाई जाए. याचिका में कहा गया है कि जब तक वक्फ अधिनियम 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई लंबित है, तब तक इस पोर्टल को निलंबित रखा जाए. AIMPLB ने कोर्ट से यह भी अपील की है कि या तो पोर्टल को तत्काल प्रभाव से रोका जाए या फिर केंद्र को इसका नोटिफिकेशन वापस लेने का आदेश दिया जाए. बोर्ड का दावा है कि यह पोर्टल वक्फ संपत्तियों पर असर डाल सकता है.

आपत्ति के बावजूद पोर्टल लागू हुआ
AIMPLB ने इस कदम को “ग़ैरक़ानूनी” और “कोर्ट की अवमानना” करार देते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. एस. क्यू. आर. इलियास ने कहा कि सरकार को बार-बार चेतावनी देने और आपत्ति जताने के बावजूद 6 जून को यह पोर्टल लॉन्च कर दिया गया. इस पोर्टल के तहत वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे मुतवल्लियों यानी वक्फ संपत्तियों की देखभाल करने वालों पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है. इलियास के मुताबिक यह कदम सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों को प्रभावित करता है और मांगी गई राहत को कमजोर करता है.

‘सभी धर्मों ने पोर्टल का विरोध किया’
AIMPLB ने दावा किया है कि UMEED पोर्टल और वक्फ अधिनियम 2025 दोनों में कई कानूनी और संवैधानिक खामियां हैं. बोर्ड का कहना है कि इस कानून की वैधता पहले से ही सुप्रीम कोर्ट की समीक्षा में है, फिर भी केंद्र ने पोर्टल लागू कर दिया. यह केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं बल्कि अन्य अल्पसंख्यक वर्गों के लिए भी चिंता का विषय है. बोर्ड ने तर्क दिया कि विपक्षी दलों, मानवाधिकार संगठनों, सिविल सोसाइटी और यहां तक कि सिख और ईसाई समुदायों ने भी इस अधिनियम और पोर्टल का विरोध किया है.

‘UMEED पोर्टल का नोटिफिकेशन वापस हो’
याचिका में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट या तो केंद्र सरकार को UMEED पोर्टल का नोटिफिकेशन वापस लेने का आदेश दे, या फिर इसे तत्काल प्रभाव से निलंबित करे. बोर्ड का कहना है कि जब तक अदालत वक्फ अधिनियम 2025 की वैधता पर अपना फैसला नहीं सुनाती, तब तक पोर्टल का संचालन न्याय और निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है.

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Sandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

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