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Border Movie Fascinating facts : पूरा देश शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मनाएगा. पूरे देश में देशभक्ति की अलग ही बयार महसूस की जा रही है. 13 जून 1997 में आई ‘बॉर्डर’ ब्लॉकबस्टर फिल्म ने देशभक्ति का एक अलग ही रंग पूरे देश में दिखाया था. आज भी 15 अगस्त पर इस फिल्म गाने स्कूल-कॉलेज के प्रोग्राम में बजते हैं. जेपी दत्ता ने इस फिल्म का डायरेक्शन-प्रोडक्शन किया था. स्क्रीनप्ले भी उन्होंने ही लिखा था. फिल्म में सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, पुनीत इस्सर और सुदेश बेरी अहम भूमिकाओं में थे. बॉर्डर फिल्म की कहानी लोंगेवाला युद्ध पर आधारित थी. सुनील शेट्टी ने तो इस फिल्म में शुरू में काम करने से इनकार कर दिया था. फिर उन्हें कैसे मनाया गया, फिल्म का सबसे पॉप्युलर सॉन्ग ‘संदेशे आते हैं’ कैसे बना, आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प किस्से…..

जून 1997 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ 10 करोड़ के बजट में बनकर तैयार हुई थी. फिल्म की शूटिंग राजस्थान के बीकानेर में हुई थी. फिल्म की स्टोरी, स्क्रीनप्ले, डायरेक्शन और प्रोडक्शन जेपी दत्ता ने किया था. फिल्म सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, पुनीत इस्सर और सुदेश बेरी लीड रोल में थे. बॉर्डर फिल्म की कहानी 1971 में राजस्थान के जैसलमेर बॉर्डर पर हुए लोंगेवाला युद्ध पर आधारित थी. यह फिल्म 1997 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. फिल्म ने करीब 39 करोड़ की कमाई की थी. फिल्म का एक-एक कैरेक्टर लोगों के जेहन में आज भी उतरा हुआ है.

सुनील शेट्टी ने तो शुरुआत में इस फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया था. अपनी सास के कहने पर यह फिल्म की थी. एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने बताया था, ‘बॉर्डर की शूटिंग बीकानेर में हुई थी. सर्दी में रेत इतनी ठंड होती थी कि पैर नहीं रख पाते थे. गर्मी में रेत शरीर में चिपक जाती थी. मैंने सुना था कि जेपी दत्ता बहुत ही स्ट्रिक्ट डायरेक्ट हैं. कुछ भी बोल देते हैं. मुझे लगा कि काम में अगर 100 प्रतिशत देने के बाद भी अगर वो मुझे गाली दे देंगे तो जमेगा नहीं. फिर उन्होंने मेरी सास के जरिये मुझे मनाया. फिर हम मिले. मैंने कहानी सुनी. पहले दिन सेट पर गया तो जेपी जी ने मुझे पूरी रेजीमेंट के सामने ‘संदेसे आते हैं’ गाना सुनाया. गाना जब खत्म हुआ तो वहां एक भी जवान नहीं था. सब लोगों को घर की याद आ गई और अपनी-अपनी जगह पर जाकर रो रहे थे.’

बॉर्डर मूवी में काम करने वाले पुनीत इस्सर बताते हैं, ‘सिख रेजीमेंट थी. सूबेदार रतन सिंह का किरदार मैंने निभाया था. वो अपनी रेजीमेंट का सबसे लंबा जवान था. जेपी दत्ता ने मुझे जब इस कैरेक्टर के बारे में बताया तो मैंने एक माह पहले ही तैयारी के लिए सिख रेजीमेंट में चला गया था. सैनिकों के साथ रोज सुबह उठना, दौड़ लगाना, ड्रिल्स करना, यह सब मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गया. जब एक माह बाद जेपी दत्ता वहां पहुंचे तो मुझे वो पहचान ही नहीं पाए. जब मैंने उन्हें अपना परिचय दिया तो वो हैरान रह गए.’

फिल्म का म्यूजिक अन्नू मलिक ने दिया था. फिल्म का एक गाना ‘संदेसे आते हैं’ बेहद लोकप्रिय हुआ था. गीतकार जावेद अख्तर को बेस्ट लिरिक्स का अवार्ड मिला था. फिल्म की शूटिंग लोंगेवाला गांव के पास ही की गई थी. यहीं पर 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था. बहुत कम लोग जानते हैं कि जेपी दत्ता ने बॉर्डर अपने भाई की याद में बनाई थी, जो भारतीय वायु सेना में पायलट थे. उनकी मौत 1987 में एक मिग दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. उनकी डायरी में लिखे अनुभवों पर यह फिल्म बनाई गई. फिल्म उन्हीं को समर्पित की गई है. बॉर्डर फिल्म को तीन नेशनल अवार्ड, चार फिल्म फेयर अवार्ड मिले थे. यह 1997 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी.

फिल्म में भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के असल हथियारों और विमानों का इस्तेमाल किया गया था. टैंक, जीप, गोला-बारूद सब कुछ भारतीय सेना की ओर से फिल्म की शूटिंग के लिए दिया गया था. जेपी दत्ता ने जब फिल्म शुरू करने से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव से अनुमति मांगी तो उन्होंने कहा था कि यह फिल्म जरूर बननी चाहिए.

फिल्म में सनी देओल ने मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी का रोल निभाया था. बाद में वो ब्रिगेडियर बने. कुलदीप सिंह चांदपुरी ने लोंगेवाला की लड़ाई में भारतीय सेना का वीरतापूर्ण नेतृत्व किया था. सिर्फ 120 सैनिकों के साथ 2000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों और 45 टैंकों का सफलतापूर्वक सामना किया था. उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था.

फिल्म का बेहद लोकप्रिय गाना ‘संदेशे आते हैं’ सिर्फ साढ़े सात मिनट में तैयार हुआ था. जावेद अख्तर और डायरेक्टर जेपी दत्ता एक दिन अचानक अन्नू मलिक के घर पहुंचे. जावेद ने अन्नू मलिक से गाना नोट करने के लिए कहा. जावेद बोलते गए ‘संदेशे आते हैं, हमें तड़पाते हैं, ऐ गुजरने वाली हवा बता, मेरा इतना काम करेगी क्या, मेरे गांव जा…’. अन्नू मलिक समझ गए कि यह गाना एक कहानी के जैसा है. गाना लिखते-लिखते 15 पेज भर गए थे. अचानक से संगीतकार अन्नू मलिक धुन बनाई ‘संदेश आते हैं, हमें तड़पाते हैं, चिट्ठी आती हैं, वो पूछ जाती है..’ फिर क्या था. जेपी और जावेद दोनों खुशी से उछल पड़े.

फिल्म में मथुरा दास का रोल सुदेश बेरी ने निभाया था. वह फिल्म में सनी देओल के पास छुट्टी मांगने जाते हैं. यह छोटा सा रोल बहुत लोकप्रिय हुआ था. फिल्म के एक सीन में सुदेश बेरी की फाइट सुनील शेट्टी से दिखाई जाती है. बॉर्डर फिल्म की सफलता का असर जेपी दत्ता पर सबसे ज्यादा पड़ा. जेपी दत्ता फिर ऐसी कोई फिल्म नहीं बना सके. 2018 में उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि ‘बॉर्डर’ की सफलता उनके लिए फ्रस्टेशन बन गई. इस फिल्म ने इतनी सफलता हासिल की कि दूसरी फिल्मों पर लोगों ने ध्यान ही नहीं दिया.
August 14, 2025, 16:34 IST





