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तेजस्वी यादव ने फिर दी ‘चुनाव बहिष्कार’ की चेतावनी, मगर क्यों और इससे फायदा क्या होगा?

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Bihar Chunav 2025: चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों ने बिहार में सियासत गर्म है. कांग्रेस ने “वोट चोरी” के खिलाफ देशव्यापी अभियान शुरू कर दिया है तो राजद नेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर चुनाव बह…और पढ़ें

तेजस्वी ने फिर दी 'चुनाव बहिष्कार' की धमकी, मगर क्यों और इससे फायदा क्या होगा?एसआईआर के मामले में लोगों को भ्रमित किया जा रहा है-तेजस्वी यादव.
पटना. चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों ने बिहार से दिल्ली तक सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. कांग्रेस ने इसे देशव्यापी अभियान बनाने का ऐलान किया है, जबकि राजदनेता तेजस्वी यादव ने एक बार फिर चुनाव बहिष्कार की धमकी दी है. राहुल गांधी की 17 अगस्त से शुरू होने वाली बिहार यात्रा से पहले तेजस्वी जनता का मूड भांपने की बात कह रहे हैं. जाहिर है यह कदम 2025 विधानसभा चुनाव से पहले RJD और INDIA गठबंधन की रणनीति को नई दिशा दे सकता है. जानकारों की नजर में उनका यह बयान उनकी रणनीति का हिस्सा है जिसमें वे जनता को यह दिखाना चाहते हैं कि RJD लोकतंत्र की रक्षा के लिए बड़ा कदम उठा सकती है.

मतदाता सूची में गड़बड़ी का विवाद

बता दें कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 65 लाख वोटरों के नाम हटाए जाने को विपक्ष ने मुद्दा बनाया है. कांग्रेस और RJD ने इसे BJP की साजिश करार दिया है और आरोप लगाया है कि इसमें दलित, OBC और अल्पसंख्यक वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है.इसको लेकर तेजस्वी यादव ने बिहार में SIR को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा और कहा कि अगर गड़बड़ियां नहीं सुधरीं, तो चुनाव बहिष्कार पर विचार होगा. उन्होंने राहुल गांधी की बिहार यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जनता का मूड देखकर फैसला लिया जाएगा.

तेजस्वी यादव का बहिष्कार का दांव

पटना में तेजस्वी यादव ने कहा, “राहुल जी की बिहार यात्रा के बाद जनता का मूड देखकर बहिष्कार पर फैसला लेंगे.” जानकार कहते हैं कि तेजस्वी यादव का यह बयान उनकी रणनीति का हिस्सा है जिससे वे चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर दबाव बनाना चाहते हैं. दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव में RJD के केवल 4 सीटें जीतने के बाद तेजस्वी 2025 विधानसभा चुनाव में कोई जोखिम नहीं लेना चाहते. वह इस बहाने महागठबंधन की एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं और अपने मतदाताओं को भी संदेश दे रहे हैं.

तेजस्वी यादव की राजनीतिक रणनीति

राहुल गांधी की 17 अगस्त से शुरू होने वाली बिहार यात्रा में तेजस्वी की भागीदारी RJD और कांग्रेस के गठबंधन को मजबूत करेगी. वे इस मौके का इस्तेमाल नीतीश कुमार की JDU और BJP को घेरने के लिए करेंगे। बहिष्कार की धमकी एक जोखिम भरा दांव है, क्योंकि यह RJD के वोटरों को अलग-थलग कर सकता है. लेकिन, तेजस् यादववी का फोकस युवा, OBC और अल्पसंख्यक वोटरों पर है. वे चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन को जनता से जोड़कर 2025 में RJD को मुख्य विपक्षी ताकत बनाना चाहते हैं.

बार-बार वोट बहिष्कार की बात क्यों?

जानकार कहते हैं कि तेजस्वी यादव का बार-बार बहिष्कार की बात करना चुनाव आयोग और NDA पर दबाव बनाने, EBC-अल्पसंख्यक वोटरों को साधने और 2025 चुनाव से पहले RJD को बिहार की सियासत में मुख्य विपक्षी ताकत बनाने की रणनीति है. इसके साथ ही वह यह भी दिखाना चाहते हैं कि उनमें केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से लड़ने का जज्बा भी है. जाहिर है वोट बहिष्कार का उनका यह एक सियासी दांव है और इसको बार-बार दोहरा रहे है. हालांकि, जानकार कहते हैं कि उनका यह दांव जोखिम भरा है, लेकिन अगर सही चला तो RJD को बड़ा फायदा दे सकता है.

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Vijay jha

पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें

पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट… और पढ़ें

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