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मनीषा कोइराला ने डेब्यू फिल्म ‘सौदागर’ में ही साबित कर दिया था कि वह एक दिन टॉप एक्ट्रेस बनेंगी. इस फिल्म में दिलीप कुमार और राज कुमार भी अहम भूमिका में नजर आए थे. इस फिल्म की शूटिंग के वक्त दोनों एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते थे. लेकिन दोनों की केमिस्ट्री ने फिल्म में लोगों को दीवाना बना दिया था. दिग्गज एक्शन डायरेक्टर रवि दीवान ने दोनों की अनबन के कई किस्सों का खुलासा किया है.

नई दिल्ली. साल 1991 में जब फिल्म ‘सौदागर’ ने सिनेमाघरों में दस्तक दी तो तहलका मच गया था. फिल्म में दिलीप कुमार और राज कुमार की जोड़ी ने लोगों का दिल ही जीत लिया था. ऑनस्क्रीन दोनों की केमिस्ट्री पर लोग फिदा हो गए थे. लेकिन कैमरे के पीछे दोनों दिग्गजों के बीच कट्टर दुश्मनी थी.एक्शन डायरेक्टर रवि दीवान के मुताबिक, शूटिंग के दौरान कई बार ये तनाव दोनों के बीच देखने को भी मिलता था.

साल 1991 में राज कुमार और दिलीप कुमार के बीच फिल्म के सेट पर कोल्ड वॉर चल रही थी. ये फिल्म साल 1991 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म साबित हुआ थी. फिल्म के गाने भी काफी हिट हुए थे. फिल्म में लीड रोल में मनीषा कोइराला नजर आई थी. इस फिल्म के बाद वह रातोंरात स्टार बन गई थीं.

‘सौदागर’ के सेट पर कई बार ऐसा कुछ हो जाता था कि उसके बाद सन्नाटा पसर जाता था. एक्टर प्रशांत नारायणन उस फिल्म के सेट पर असिस्टेंट आर्ट डायरेक्टर थे और दिलीप कुमार व राज कुमार के करीबी दोस्त भी. ‘इमली का बूटा’ गाने के दौरान राज कुमार और दिलीप कुमार के बीच भी दोनों को साथ में लाने में खूब पापड़ बेलने पड़े थे.

दिग्गज एक्शन डायरेक्टर रवि दीवान ने बताया कि एक बार दिलीप कुमार अपना इमोशनल डेथ सीन शूट करने की तैयारी कर रहे थे. लेकिन इस दिन राज कुमार को कोई शूट नहीं था. फिर भी वो अपनी कुर्सी लेकर सिर्फ आठ फुट दूर जाकर बैठ गए और चेहरा घुमाकर बैठ गए. सेट पर मौजूद बाकी लोग जहां दिलीप कुमार को देख रहे थे, वहीं उनके को-स्टार ने एक बार भी नजर उठाकर नहीं देखा.

इस दौरान उन्होंने हिल स्टेशन की शूटिंग का भी किस्सा सुनाया, वहां सेट पर कई कपल्स आ जाते थे जो स्टार्स के साथ फोटो खिंचवाना चाहते थे. दिलीप कुमार के पास भीड़ लगी थी, लेकिन राज कुमार चुपचाप पास ही के एक झरने की ओर चले गए.

उस दौरान राज कुमार ने एक कुर्सी रखी और ठंडे पानी में बैठ गए. काफी देर बाद डायरेक्टर सुभाष घई आए और पूछा कि आखिर आप ठंडे पानी में क्यों बैठे हो, राज कुमार ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘यहां फोटो खिंचवाने कोई नहीं आएगा.

इसी फिल्म में अमरीश पुरी ने विलेन का रोल निभाया था.उन्हें भी शूट के दौरान राज कुमार की ऑन-सेट आदतों का सामना करना पड़ा था. एक रस्साकशी वाले सीन में राज कुमार ने बार-बार रीटेक की जिद की,हालांकि सीन ओके हो चुका था. एक पंच वाले सीन में तो उन्होंने ऐसा जोर से मुक्का मारा कि अमरीश पुरी को बहुत जोर से लग गई थी.

दिलीप कुमार और राज कुमार दोनों के बीच काफी समय से दुश्मनी थी. फिल्म में भी यही दिखाया गया था. साल 1959 की फिल्म पैगाम की शूटिंग के दौरान, एक सीन में राज कुमार ने दिलीप को इतना जोर से थप्पड़ मार दिया था कि कहा जाता है, दिलीप ने मन ही मन कसम खा ली थी कि वह कभी उनके साथ काम नहीं करेंगे. लेकिन किस्मत ने उन्हें 32 साल बाद सौदागर के लिए फिर साथ ला दिया. दोनों के बीच तनातनी होने के बाद भी फिल्म में उन्होंने ऐसा काम किया कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी.
August 11, 2025, 08:54 IST





