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अब शुरू होगी अकासा एयर की असली चुनौती! क्‍या भारतीय आसमान पर छा सकेगी राकेश झुनझुनवाला के सपनों की उड़ान

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Akasa Air Success Story : राकेश झुनझुनवाला ने तीन साल पहले जब अकासा एयर की शुरुआत की थी, तो किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह कंपनी भारतीय आसमान इतनी तेजी से विस्‍तार करेगी. आज अकासा 5 फीसदी एविएशन मार्केट में हि…और पढ़ें

क्‍या अकासा एयर दे सकेगी राकेश झुनझुनवाला के सपनों को उड़ान, असली चुनौती शुरूअकासा एयर के बेड़े में करीब 30 विमान शामिल हैं.
नई दिल्‍ली. भारतीय विमानन उद्योग में 3 साल पहले जब राकेश झुनझुनवाला ने अपने सबसे बड़े सपने के साथ कदम रखा था तो ज्‍यादातर लोगों का यही मानना था कि इस मुश्किल बिजनेस में यह कंपनी संवर नहीं पाएगी. 7 अगस्‍त को राकेश झुनझुनवाला की इस एयरलाइंस ‘अकासा एयर’ के 3 साल पूरे हो गए और आज यह कंपनी देश के 5 फीसदी एयरलाइंस बिजनेस में हिस्‍सेदारी रखती है. अकासा एयर ने स्‍पाइसजेट को भी पीछे छोड़ दिया और आज देश की टॉप-5 एयरलाइंस कंपनियों में शुमार हो चुकी है. लेकिन, उसकी असली चुनौती तो अब शुरू हो रही है.

अकासा एयर ने 3 साल पहले जब मुंबई से अहमदाबाद के लिए पहली बार उड़ान भरी तो शायद ही किसी को यह उम्‍मीद थी कि गो फर्स्‍ट और जेट एयरवेज के पतन से खाली हुए स्‍थान को यह भर सकेगी. इसी शुरुआत करते हुए राकेश झुनझुनवाला ने कहा था, ‘बच्‍चे को भी जन्‍म लेने में 9 महीने का समय लगता है. हमने भी महज 12 महीने में इस कंपनी को खड़ा कर दिया. ऐसा दुनिया में आजतक कभी नहीं हुआ.’ जहां ज्‍यादातर एयरलाइंस शुरू होने के कुछ ही समय बाद इस उद्योग के दबाव में टूट जाती हैं और बंद हो जाती हैं, अकासा ने न सिर्फ अपना विस्‍तार किया, बल्कि कंपनी को मुनाफे में भी बनाए रखा है.

कितनी बड़ी हो चुकी कंपनी
अकासा एयर ने महज तीन साल में ही अपने बेड़े में 30 विमान शामिल कर लिए हैं और कंपनी के 226 विमान अभी ऑर्डर पर हैं. हालांकि, अकासा एयर के लिए एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी कंपनियों से मुकाबला करना आसान नहीं होगा. एयर इंडिया के बेड़े में 300 विमान हैं तो इंडिगो के पास भी करीब 400 विमानों का विशाल बेड़ा है. इन दोनों कंपनियों ने करीब 1,500 विमानों का ऑर्डर दे रखा है और जल्‍द ही 500 से 600 विमान उनके बेड़े में शामिल हो जाएंगे.

बेड़ा बढ़ाने और घाटे से निपटने की चुनौती
अकासा एयर ने साल 2032 तक बोइंग मैक्‍स विमानों के ऑर्डर दिए हैं. हालांकि, एयर इंडिया और इंडिगो के बड़े ऑर्डर के बीच अकासा को अपना बेड़ा बढ़ाने में निश्चित तौर से चुनौती आएगी. अकासा एयर ने भले ही अपने ऑपरेशन को तेजी से बढ़ाया है लेकिन शुरू होने के बाद से अब तक कंपनी को 4,500 करोड़ रुपये घाटा हो चुका है. कंपनी की नेट वर्थ भी कम है, जबकि प्रतिद्वंदी कंपनियां पहले ही इस मार्केट पर मजबूत पकड़ बना चुकी हैं. अकासा को फिलहाल चालू वित्‍तवर्ष में भी मुनाफे की उम्‍मीद नहीं है और उसे थोड़ा इंतजार करना होगा.

सालाना 30 फीसदी ग्रोथ का अनुमान
अकासा एयर ने अगले 7 साल में अपने विमानों की संख्‍या 226 तक पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा है. इस दौरान कंपनी सालाना 30 फीसदी का ग्रोथ दर्ज करेगी. इसके अलावा कंपनी ने साल 2025 की समाप्ति तक पायलटों की संख्‍या 775 तक पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा है. अकासा को 737-10 विमानों की सप्‍लाई 2027 तक होने का अनुमान है. इन विमानों में 227 सीट होंगी. इसके अलावा 197 सीटर विमानों को भी अपने बेड़े में शामिल करने की तैयारी है. अकासा ने मार्च, 2025 तक 1 लाख टन कार्गो की भी सप्‍लाई की है, जो उसके तेजी से हो रहे विस्‍तार को साफ दिखाता है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें

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