मनोरंजन » ‘यादव समुदाय की छवि खराब नहीं होती’, SC ने खारिज की ‘यादवजी की लव स्टोरी’ पर याचिका, बताया ‘घूसखोर पंडत’ से अलग

‘यादव समुदाय की छवि खराब नहीं होती’, SC ने खारिज की ‘यादवजी की लव स्टोरी’ पर याचिका, बताया ‘घूसखोर पंडत’ से अलग

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सुप्रीम कोर्ट ने ‘यादवजी की लव स्टोरी’ के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है. फिल्म को लेकर विवाद चल रहा था. यादव समुदाय का कहना था कि फिल्म उनकी छवि को खराब कर रही है. समुदाय ने ‘घूसखोर पंडत’ विवाद को आधार बनाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली और कोर्ट ने सुनवाई के दौरान इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा फिल्म का टाइटल यादव समुदाय की छवि खराब नहीं करता, ‘घूसखोर पंडत’ से मामला अलग है.

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'समुदाय की छवि खराब नहीं होती', SC ने खारिज की 'यादवजी की लव स्टोरी' पर याचिकाZoom

फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ का पोस्टर. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. नेटफ्लिक्स ऑरिजनल फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के विवाद शांत हुआ ही था कि फिल्म ‘यादवजी की लव स्टोरी’ को लेकर मुद्दा बना. यादव समुदाय ने फिल्म का विरोध किया. फिल्म के प्रदर्शन किए और मामला सुप्रीम कोर्ट में लेकर गए. सुप्रीम कोर्ट में फिल्म के खिलाफ याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “फिल्म के टाइटल से यादव समुदाय की छवि खराब नहीं होती. ये मामला ‘घूसखोर पंडत’ से अलग है.”

जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि किसी फिल्म का टाइटल मात्र इसलिए असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता कि उससे किसी समुदाय की छवि खराब होने की आशंका जताई जा रही है. कोर्ट ने आदेश में कहा, “हमने रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री पर गौर किया है. मुख्य शिकायत यह है कि आगामी फिल्म का नाम समाज में यादव समुदाय को गलत रोशनी में प्रस्तुत करता है, इसलिए शीर्षक बदला जाना चाहिए”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “हम यह समझने में असमर्थ हैं कि फिल्म का शीर्षक किस प्रकार समुदाय को खराब रोशनी में दर्शाता है. शीर्षक में ऐसा कोई विशेषण या शब्द नहीं है जो यादव समुदाय को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करता हो. आशंकाएं पूरी तरह निराधार हैं.

पीठ ने ‘घूसखोर पंडत’ मामले से इस मामले को अलग बताया है. अदालत ने कहा, “घूसखोर शब्द का अर्थ भ्रष्ट होता है, जिससे एक समुदाय के साथ नकारात्मक अर्थ जोड़ा जा रहा था. जबकि इस मामले में यादव समुदाय के साथ ऐसा कोई नकारात्मक अर्थ नहीं जुड़ा है. इसलिए इस मामले को खारिज किया जाता है.”

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Ramesh Kumar

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें

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