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पनामा में 1000 साल पुरानी कब्र मिली, सोने के गहने से लदा था कंकाल, एक्सपर्ट्स क्या बोले?

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पनामा के एल कानो पुरातात्विक पार्क में 1000 साल से ज्यादा पुरानी एक कब्र मिली है. कंकाल के साथ सोने के कंगन, झुमके और चमगादड़ व मगरमच्छ की आकृति वाले गहने मिले हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि दफन व्यक्ति समाज का सबसे ऊंचे दर्जे का सदस्य था.

पनामा में 1000 साल पुरानी कब्र मिली, सोने के गहने से लदा था कंकालZoom

कब्र से मिला सोने का खजाना.

पनामा सिटी से करीब 200 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित एल कानो पुरातात्विक पार्क में एक बड़ी खोज हुई है. यहां पुरातत्वविदों को एक ऐसी कब्र मिली है, जो 800 से 1000 ईस्वी के बीच की मानी जा रही है. यानी यह कब्र एक हजार साल से भी ज्यादा पुरानी है. मुख्य शोधकर्ता जूलिया मायो के मुताबिक इस कब्र में मिले कंकाल के चारों तरफ सोने के गहने और मिट्टी के बर्तन रखे हुए थे. कंकाल के साथ सोने के कंगन, झुमके और छाती पर पहनने वाला आभूषण मिला है. इन गहनों पर चमगादड़ और मगरमच्छ की आकृतियां बनी हुई थीं.

सोने से भरी कब्र किसी थी?

जूलिया मायो का कहना है कि इस तरह के गहने इस बात का संकेत हैं कि जिस व्यक्ति को यहां दफनाया गया, वह समाज में बहुत ऊंचे पद पर रहा होगा. उनके मुताबिक यह उस समुदाय का सबसे बड़ा या प्रभावशाली सदस्य हो सकता है. यह इलाका पिछले करीब 20 साल से खुदाई के लिए जाना जाता है. यहां पहले भी प्री-हिस्पैनिक यानी यूरोपीय आगमन से पहले की संस्कृतियों के अवशेष मिल चुके हैं. एल कानो स्थल उन समाजों से जुड़ा है जो आठवीं से ग्यारहवीं सदी के बीच पनामा के मध्य हिस्सों में रहते थे. जूलिया मायो ने बताया कि यह जगह करीब 200 साल तक दफनाने के लिए इस्तेमाल की जाती रही. अब तक यहां नौ ऐसी कब्रें मिल चुकी हैं, जो इस नई खोज से मिलती-जुलती हैं.

शव के साथ क्यों रखी जाती थीं ये चीजें?

पनामा के संस्कृति मंत्रालय ने इस खोज को बेहद अहम बताया है. मंत्रालय के अनुसार यह खोज न सिर्फ पनामा बल्कि पूरे मध्य अमेरिकी क्षेत्र की प्राचीन सभ्यताओं को समझने में मदद करेगी. मध्य अमेरिका वही भूभाग है जो उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका को जोड़ता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन समाजों में मौत को अंत नहीं माना जाता था. उनके लिए यह एक नए चरण की शुरुआत थी. दफनाने के तरीके और साथ रखी गई कीमती वस्तुएं दिखाती हैं कि मरने के बाद भी सामाजिक हैसियत को महत्व दिया जाता था.

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Yogendra Mishra

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें

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