नई दिल्ली. राज कपूर एक बार राजेश खन्ना के साथ काम करने वाले थे. फिल्म सत्यम शिवम सुंदरम (1978) के लिए काका को कास्ट करने का मन बना चुके थे. सब कुछ तय था, यहां तक कि फिल्म के ऐलान का वक्त भी करीब आ गया था. मगर ऐन मौके पर राज कपूर ने अपने कदम पीछे खींच लिए. आखिर उस आखिरी घड़ी में ऐसा क्या हुआ कि बात बनते-बनते बिगड़ गई? सालों बाद राजेश खन्ना की पार्टनर अनीता आडवाणी ने उस दिन का वह सच बताया, जो अब तक छिपा हुआ था.
राज कपूर ने राजेश खन्ना को फिल्म से किया बाहर
अनीता ने बताया, ‘उस दिन राजेश खन्ना का जन्मदिन था. उन्होंने एक बहुत बड़ी पार्टी रखी थी और उसी शाम राज कपूर फिल्म का ऑफिशियल अनाउंसमेंट करने वाले थे. पूरी तैयारी थी कि पार्टी देर रात तक चलेगी, लेकिन राजजी शाम करीब 5 बजे ही वहां पहुंच गए. उन्होंने भारी मन से कहा कि मुझे माफ कर देना, पर मैं हार गया. मैं तुम्हारे साथ यह फिल्म नहीं बना पाऊंगा और बस इतना कहकर वो वहां से चले गए.’ इस तरह अपने जमाने के दो दिग्गजों का साथ काम करने का सपना शुरू होने से पहले ही टूट गया.
ऋषि कपूर के डायरेक्शन में राजेश खन्ना ने किया काम
मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. करीब दो दशक बाद वक्त ने ऐसी करवट ली कि ऋषि कपूर अपनी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ के लिए राजेश खन्ना के पास पहुंचे. अनीता ने बताया, ‘शुरुआत में राजेश खन्ना यह फिल्म नहीं करना चाहते थे, लेकिन फिर कृष्णा कपूर (राज कपूर की पत्नी) खुद उनके घर गईं और उनसे कहा कि राजजी की एक ख्वाहिश थी कि वो आपके साथ फिल्म बनाएं, पर वो पूरी नहीं हो सकी. मुझे लगता है कि आपको यह फिल्म जरूर करनी चाहिए. बस उनकी बात सुनकर काका मान गए.’
राजेश खन्ना के खिलाफ क्यों थे ऋषि कपूर?
उस वक्त तो कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई थी, लेकिन बरसों बाद ऋषि कपूर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘खुल्लम खुल्ला’ में इस राज से पर्दा उठाया. उन्होंने खुद कबूल किया कि राजेश खन्ना को कास्ट करने का विरोध करने वालों में वो भी शामिल थे, जिसका उन्हें बाद में काफी पछतावा भी हुआ.
राजेश खन्ना को पसंद नहीं करते थे ऋषि कपूर
ऋषि कपूर ने अपनी किताब में बड़े ही साफ दिल से इस कड़वाहट की वजह लिखी है. उन्होंने बताया, ‘उन दिनों राजेश खन्ना को कोई खास पसंद नहीं करता था. मैंने अपनी आंखों से फिल्म बॉबी की आउटडोर शूटिंग के दौरान उन्हें मेरे पिता का मजाक उड़ाते देखा था. तब तक डिंपल की उनसे शादी हो चुकी थी और मेरे पिता को उनके साथ बचे हुए सीन शूट करने के लिए राजेश खन्ना से मिन्नतें करनी पड़ती थीं. मुझे अपने पिता का उनके सामने इस तरह झुकना बिल्कुल अच्छा नहीं लगा. वह कड़वी याद मेरे मन में घर कर गई थी और मुझे डर था कि अगर काकाजी हमारी फिल्म का हिस्सा बने, तो वही सब फिर से दोहराया जाएगा.’
ऋषि कपूर को बाद में हुआ था पछतावा
उन्होंने आगे बड़ी ईमानदारी से कुबूल किया, ‘सच तो यह है कि उन्हें फिल्म से बाहर रखने की जिद करने वालों में मैं भी शामिल था. आज मुझे इस बात पर कोई गर्व नहीं है. राजेश खन्ना के गुजरने से पहले मैंने खुद उनके सामने यह बात मानी भी थी. उन्होंने मेरा कभी कुछ नहीं बिगाड़ा था, फिर भी न जाने क्यों मैं उन्हें नापसंद करता था.’ राजेश खन्ना के फिल्म से बाहर होने के बाद सत्यम शिवम सुंदरम फिल्म शशि कपूर और जीनत अमान के साथ बनी थी.





