नयनदीप रक्षित के साथ बातचीत में लिजेल डिसूजा ने बताया, ‘मेरे और रेमो, दोनों के लिए ही धर्म और आस्था बहुत मायने रखते हैं. मैं जन्म से कैथोलिक हूं और रेमो हिंदू थे, जिन्होंने बाद में धर्म परिवर्तन कर लिया. लेकिन मैं पिछले 25 सालों से घर में गणपति रखती आ रही हूं. पिछले 4-5 सालों में शायद अपने माता-पिता को खोने के बाद मेरा झुकाव हिंदू धर्म की तरफ बहुत ज्यादा बढ़ गया है. मैं अब सारे पूजा-पाठ करती हूं और मुझे यह करना बहुत अच्छा लगता है, भले ही मेरी पहचान एक कैथोलिक की है.’
क्या है रेमो डिसूजा का असली नाम?
रेमो का असली नाम रमेश गोपी नायर है. उन्होंने उस वक्त को याद किया, जब उन्होंने अपने माता-पिता को धर्म बदलने के फैसले के बारे में बताया था. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन पर कोई दबाव था, तो रेमो बोले, ‘बिल्कुल नहीं, मुझे आज भी हैरानी होती है कि मेरे पेरेंट्स इस बात को लेकर इतने कूल कैसे थे. हालांकि, लिजेल ने बीच में टोकते हुए बताया कि बड़े बेटे के जन्म के वक्त रेमो थोड़े परेशान थे.’
बेटा का रखा क्रिश्चियन और हिंदू नाम
रेमो ने बात साफ करते हुए कहा, ‘दरअसल, हमने बेटे का नाम एडोनिस रखा था. अब मेरे माता-पिता जामनगर से हैं, तो उनके लिए यह नाम बोलना बहुत मुश्किल था. इसलिए हमने उसका एक हिंदू नाम ध्रुव भी रखा. बाद में जब वह बड़ा हुआ, तो उसने एडोनिस नाम को ही आगे बढ़ाने का फैसला किया.’
धर्म बदलने पर क्या था पिता का रिएक्शन?
रेमो डिसूजा ने आगे बताया कि ईसाई धर्म अपनाने के फैसले पर उनके माता-पिता को कोई ऐतराज नहीं था. उन्होंने कहा, ‘एक दिन मैं अपने पिता के पास गया और उनसे कहा कि मैं चर्च के लिए काफी काम करता हूं और अब मैं ईसाई धर्म अपनाना चाहता हूं. उन्होंने बड़ी सहजता से कहा कि ठीक है, कर ले. बस मेरा नाम मत चेंज करना. यही वजह है कि आज मेरा पूरा नाम रेमो गोपी डिसूजा है.’
हिंदू धर्म में आज भी रेमा डिसूजा की है आस्था
धर्म और आस्था के प्रति रेमो का यह सम्मान अक्सर देखने को मिलता है. साल 2025 में वह अपनी पत्नी लिजेल के साथ महाकुंभ मेले में भी शामिल हुए थे. उस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह प्रयागराज के पवित्र संगम में डुबकी लगाते नजर आए थे. सिर्फ इतना ही नहीं यह कपल तिरुपति बालाजी के दर्शन करने भी गया था, जिसकी झलकियां उन्होंने अपने फैंस के साथ साझा की थीं.





