’तेरे नाम’ को रिलीज हुए दो दशक से ज्यादा का समय बीत चुका है और अब यह 27 फरवरी को फिर से बड़े पर्दे पर लौट रही है. आज जब आप मुड़कर देखते हैं, तो उस दौर की कौन सी यादें सबसे पहले आपके जेहन में आती हैं?
’तेरे नाम’ अपने एक्शन, हल्की-फुल्की कॉमेडी और एक्टिंग के लिए जानी जाती है. इस फिल्म ने मुझे नेशनल लेवल पर जबरदस्त पहचान दिलाई और मेरे रोल को जो तारीफ मिली, उसे भूलना मुश्किल है. भले ही आज मेरी फिल्म ‘लापता लेडीज’ ऑस्कर में गई हो, लेकिन जब ‘तेरे नाम’ रिलीज हुई थी, तब मैं बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा था. ‘तेरे नाम’ ही वो फिल्म है जिसने मुझे उस हालात से बाहर निकाला और इसमें सतीश कौशिक जी का बहुत बड़ा रोल था, जिससे मुझे इस फिल्म में काम करने का मौका मिला.
आज आप एक सुपरस्टार और राजनेता हैं, लेकिन ‘तेरे नाम’ में आपका वह शांत और सरल ‘पुजारी’ वाला अंदाज आज भी लोगों को याद है. उस दौर में उस गंभीर भूमिका को निभाना आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण था?
उस समय मैं अच्छे काम की तलाश में था और कई साल हो गए थे. 1991 से 1999 के बीच, मैंने बहुत स्ट्रगल किया और यकीन मानिए, मैं थोड़ा टूट गया था, लेकिन फिर मुझे ‘तेरे नाम’ के रूप में एक बड़ा ब्रेक मिला, जिसमें मैंने अपने पिता पंडित श्याम नारायण शुक्ल को उनके कुर्ते से लेकर कंठी तक हूबहू कॉपी किया. मेरे पिता थोड़े गुस्सैल थे, लेकिन मैंने उनका शांत स्वभाव निभाया, जो मैंने उनमें एक पिता के तौर पर देखा था.
आपको क्या लगता है, इस फिल्म के संगीत और कहानी में ऐसा क्या जादू है जो आज की पीढ़ी को भी अपनी ओर खींचता है?
1999 में एक तमिल फिल्म ‘सेतु’ रिलीज हुई थी, जो मेरे दोस्त विक्रम की फिल्म थी… ‘तेरे नाम’ उसी फिल्म का रीमेक थी, जो सुपरहिट रही. ‘तेरे नाम’ एक ऐसी कल्ट फिल्म है, जिसका म्यूजिक आज भी लोगों के दिलों में राज करता है. इस फिल्म के लिए मुझे बेस्ट सपोर्टिंग रोल के लिए नेशनल अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था. हां… उस समय मेरे लिए बहुत कुछ अच्छा हुआ… और आज मैं कह सकता हूं कि ‘तेरे नाम’ ही वो फिल्म है जिसने मुझे जबरदस्त पहचान दिलाई.
इस फिल्म के कैप्टन सतीश कौशिक जी अब हमारे बीच नहीं हैं. इस री-रिलीज के मौके पर आप उन्हें कैसे याद करना चाहेंगे?
सतीश जी ने मेरी बहुत मदद की, और उन्होंने सलमान खान को भी बहुत कुछ सिखाया, और सलमान भी फिल्म में बहुत सीरियसली दिखे. आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें हमेशा मेरे दिल में जिंदा रहेंगी.
’तेरे नाम’ के दोबारा रिलीज होने पर आप अपने और सलमान खान के फैंस को क्या संदेश देना चाहेंगे?
फिल्म ‘तेरे नाम’ में सलमान खान मुझे चुंड़ी कह कर बुलाते थे, तो लोगों ने उस नाम के लिए मुझ पर बहुत प्यार लुटाया. मैं यहां ये भी कहना चाहूंगा कि सिर्फ कहानी ही नहीं, बल्कि इसके गाने, सलमान का हेयर स्टाइल, डायलॉग और भी बहुत कुछ… ‘तेरे नाम’ ने लोगों पर बहुत बड़ा असर डाला और जो लोग 2003 की फिल्म देखने से चूक गए, उन्हें 23 साल बाद इसे फिर से थिएटर में देखने का मौका मिलेगा. यह फिल्म 27 फरवरी, 2026 को थिएटर में फिर से रिलीज हो रही है. इस फिल्म से भूमिका चावला ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था. ‘तेरे नाम’ एक शानदार फिल्म है, एक छोटे शहर की कहानी है, जो मेरे दिल के बहुत करीब है. मैं उन सभी दर्शकों से कहना चाहूंगा जो मेरे फैन हैं, सलमान के फैन हैं और म्यूजिक के फैन हैं… आपको थिएटर जाकर यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए. आपको यह बहुत पसंद आएगी. लोग अब मुझे मेरे काम के लिए पहचानने लगे हैं. भले ही मैंने पिछले साल ‘मामला लीगल है’ और ‘लापता लेडीज’ के लिए अवॉर्ड जीते, लेकिन मेरे काम का असली असर ‘तेरे नाम’ में दिखेगा. एक पंडित के रूप में एक गंभीर भूमिका और वो रवि किशन भी आप लोग जरूर देखें तो हम लोगों को बहुत अच्छा लगेगा.





