विदेश » किसी ने पति खोया, तो किसी की गोद सूनी हो गई… दुनिया का सबसे खतरनाक रास्ता, 2026 में अब तक 484 मौतें

किसी ने पति खोया, तो किसी की गोद सूनी हो गई… दुनिया का सबसे खतरनाक रास्ता, 2026 में अब तक 484 मौतें

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Libya Boat News: नाव 5 फरवरी की देर रात पश्चिमी शहर अल-जाविया से निकली थी. जीवित बचे लोगों ने संयुक्त राष्ट्र की माइग्रेशन एजेंसी को बताया कि यात्रा शुरू होने के लगभग छह घंटे बाद नाव में पानी भरने लगा और वह पलट गई. आईओएम ने कहा कि उसकी टीमों ने महिलाओं को इमरजेंसी मेडिकल मदद दी. सेंट्रल मेडिटेरेनियन सी का ये रास्ता सबसे खतरनाक प्रवासी रास्तों में से एक बना हुआ है, और इस त्रासदी से 2026 में ही मरने वालों की संख्या 484 हो गई है.

किसी ने पति खोया, तो किसी की गोद सूनी हो गई... दुनिया का सबसे खतरनाक रास्ताZoom

लिबिया लंबे समय से अवैध प्रवासियों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट रहा है. (फाइल फोटो)

त्रिपोली. इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) ने सोमवार को एक दिल दहला देने वाली खबर दी है. लीबिया के तट के पास एक नाव पलटने से 53 प्रवासी या तो मारे गए या लापता हो गए. इस खौफनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की भी जान चली गई. नाव में कुल 55 लोग सवार थे, जिनमें से सिर्फ दो महिलाओं को बचाया जा सका.

यह घटना शुक्रवार को उत्तर-पश्चिमी लीबिया के ज़ुवारा शहर (Zuwara) के पास हुई. सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बचाई गई दोनों महिलाएं नाइजीरियाई मूल की हैं. एक ने बताया कि उसने अपने पति को खो दिया, तो दूसरी ने सिसकते हुए कहा कि उसकी गोद सूनी हो गई, उसके दोनों बच्चे समुद्र में समा गए.

6 घंटे बाद ही नाव में भरने लगा पानी
जानकारी के मुताबिक, मौत की यह नाव 5 फरवरी की देर रात पश्चिमी शहर अल-जाविया से निकली थी. जीवित बचे लोगों ने बताया कि सफर शुरू होने के महज 6 घंटे बाद ही नाव में पानी भरने लगा और वह पलट गई. IOM ने चेतावनी दी है कि मानव तस्कर (Smuggling Networks) जानबूझकर खटारा और खराब जहाजों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे मासूम लोगों की जान जा रही है.

सबसे खतरनाक रास्ता
सेंट्रल मेडिटेरेनियन सी (Central Mediterranean Sea) का यह रूट दुनिया के सबसे जानलेवा रास्तों में से एक बन गया है. इस ताजा त्रासदी के साथ ही 2026 में अब तक मरने वालों की संख्या 484 हो गई है. एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अपील की है कि वे इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान दें और तस्करों के नेटवर्क को तोड़ें.

बार-बार हो रहे हादसे, पर नहीं रुक रही तस्करी
यह पहली बार नहीं है जब लीबिया के तट पर ऐसा हादसा हुआ हो. नवंबर 2025 में भी ज़ुवारा से निकली एक रबर की नाव पलट गई थी, जिसमें 49 लोग सवार थे. इंजन खराब होने से 42 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 29 सूडान से थे. IOM के डेटा के मुताबिक, 2025 में इस रूट पर 1,000 से ज्यादा प्रवासी अपनी जान गंवा चुके हैं.

सरकार का एक्शन: तस्करों की नावों पर हवाई हमले
लीबिया की ‘गवर्नमेंट ऑफ नेशनल यूनिटी’ (GNU) ने मानव तस्करों के खिलाफ जंग छेड़ दी है. रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उन्होंने ज़ुवारा पोर्ट के अंदर तस्करों की नावों पर सटीक हवाई हमले किए हैं. ये हमले कड़ी निगरानी और ट्रैकिंग के बाद किए गए ताकि जानमाल का नुकसान न हो. लीबिया अपनी लंबी तटरेखा और यूरोप से नजदीकी के कारण अवैध प्रवासियों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट बना हुआ है, जिसे रोकना अब एक बड़ी चुनौती है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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