विदेश » ‘एक फोटो के लिए सब बर्बाद कर देते हैं’, पहाड़ी गांव में टूरिस्टों पर लगी पाबंदी, Instagram पर हुआ वायरल

‘एक फोटो के लिए सब बर्बाद कर देते हैं’, पहाड़ी गांव में टूरिस्टों पर लगी पाबंदी, Instagram पर हुआ वायरल

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Eurpoe Travel: ट्रैवलिंग के शौकीन लोगों के बकेट लिस्ट में कोई जगह हो या ना हो मगर यूरोपीय देश जरूर होते हैं. शानदार हरियाली और बर्फ से ढंकी पहाड़ियां और शहरें काफी खूबसूरत दिखती है. यूरोप में विदेशी पर्यटकों की लाइन लगी होती हैं. हर कोई इटली के रोम से लेकर ज्यूरिख हो या स्टॉकहोम हो या फिर स्वीटजरलैंड यूरोप में ना जानें कई जगह हैं, जहां लोग घूमना चाहतें हैं. मगर, इटली का एक ऐसा गांव है, जहां टूरिस्टों को रोका जा रहा है. गांव वालों से लेकर वहां की लोकल सरकार लोगों के आने पर मनाही कर रहे हैं. आखिर, ऐसा क्या हो गया है कि लोग टूरिस्टों को आने नहीं दे रहे हैं.

दरअसल, एक दशक से भी ज्यादा समय से उत्तरी इटली के एक छोटे से गांव सांता मैडालेना चर्च की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रही हैं. इसमें डोलोमाइट पहाड़ों की ऊबड़-खाबड़ चोटियों से घिरा है. लेकिन, स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछली गर्मियों में लगातार आने वाले विजिटर्स की बाढ़ आ गई थी. अब, अधिकारी इस फ्लो को धीमा करने के लिए कदम उठा रहे हैं. दिन में आने वाले टूरिज्म को रोकने और गांव पर दबाव कम करने के मकसद से नई रोक लगा रहे हैं.

बैरिकेट लगा कर रोका जा रहा

स्थानीय नगर पालिका के अनुसार मई से, UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज-लिस्टेड चर्च के पास के गांव में एक बैरियर लगाकर जाने पर रोक लगा दी जाएगी. सिर्फ वहां रहने वाले और कम से कम एक रात रुकने वाले विज़िटर्स ही अंदर आ सकेंगे. दिन में घूमने आने वालों को लाने वाली कारों और टूर बसों को वापस भेज दिया जाएगा.

दिन में घूमने वालों पर रोक

स्थानीय लोगों का कहना है कि जो लोग दिन में घूमने आते हैं, उनको रोका जाएगा. बता दें कि पीक सीजन में तक 600 लोग तक यहां घूमने आचते हैं. जो चर्च देखना पसंद करते हैं, उनके लिए एक शर्त है कि उनको तय पार्किंग एरिया से 30 मिनट या उससे ज्यादा पैदल चलना होगा. नगर पालिका ने अभी यह तय नहीं किया है कि जो विजिटर्स पैदल नहीं जा सकते, उनके लिए शटल सर्विस शुरू की जाएगी या नहीं.

पैदल ही करना होगा सफर

मेयर पीटर पर्नथेलर का कहना है कि एक बार जब गांव की पार्किंग की जगह पूरी भर जाएगी, तो ड्राइवरों को और भी दूर पार्क करना होगा. उन्होंने CNN को बताया कि फिल्टर्ड एंट्री सिस्टम मई से नवंबर तक चलेगा. अभी पार्किंग का खर्च 4 यूरो है, जो $5 से थोड़ा कम है. उनका कहना है कि मैं ओवरटूरिज़्म के बारे में बात नहीं करना चाहता. मैं यह भी नहीं कह रहा कि टूरिस्ट परेशानी का सबब हैं. लेकिन उनमें से बहुत सारे आते हैं, और हमें उन्हें मैनेज करना होता है. वहां के लोगों के मन की शांति के लिए और टूरिस्ट के लिए भी एक अच्छा अनुभव पक्का करने के लिए.

टूरिस्ट हब बना सांता मैडालेना

सांता मैडालेना का सोशल मीडिया हॉट स्पॉट के तौर पर उभरना सालों से चल रहा है. एक दशक से भी पहले एक चीनी मोबाइल फोन ऑपरेटर के जारी किए गए. पास के सेसेडा पहाड़ को बाद में 2013 में Apple के iOS-7 अपडेट में स्क्रीनसेवर के तौर पर दिखाया गया, जिससे असल ज़िंदगी में तस्वीर देखने के लिए आने वाले विज़िटर्स की भीड़ उमड़ पड़ी. खबर है कि पीक टाइम में रोज़ाना यह संख्या 8,000 तक पहुंच जाती थी. तब से दोनों जगहें TikTok और Instagram पर छा गई हैं. लोकल लोग ‘हिट एंड रन टूरिस्ट’ कहते हैं.

एक फोटो के लिए सब बर्बाद कर देते हैं

काउंसिल मेंबर रोसविथा मोरेट नीडरवोल्फ्सग्रुबर के मुताबिक, दिन में घूमने वाले लोग पतली सड़कों पर जाम लगा देते हैं. लंबे समय तक रुकने वाले विज़िटर्स को परेशान करते हैं. उन्होंने सीएनएन को बताया, ‘वे एक फोटो लेने के लिए अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को नष्ट कर देते हैं. यह अब टिकाऊ नहीं रहा, कोई बैलेंस नहीं है.’ लोकल अधिकारी इस बात पर ज़ोर देते हैं कि इसका मकसद टूरिज्म को पूरी तरह से रोकना नहीं है, बल्कि इसे धीमा करना है. और कुछ टूरिस्ट ऐसे भी हैं जो एक सिंपल सेल्फी लेकर जाने का इंतजार नहीं कर सकते. कुछ लोग यहां रुकते हैं और कई दिनों तक रहते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो डेढ़ घंटे में आकर चले जाते हैं.

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