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Underground Tunnel Discovered : Another World Found Underground| 6000 year old tunnel found| Hidden History discovered – जर्मनी में पाताल लोक सी सुंरग मिली है जो 6000 साल पुरानी और ऐतिहासिक है

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Another World Found Underground: कई बार ऐसा होता है कि जो जगह जैसी दिखती है, वैसी होती नहीं है. कुछ ऐसा ही हुआ जर्मनी में, जहां खुदाई करने वाले मजदूर तब दंग रह गए, जब उन्हें अपने सामने कुछ ऐसा दिखा, जो चौंका देने वाला था. किसी को उम्मीद नहीं थी कि सामने पाताल लोक दिख जाएगा.

पहाड़ी के नीचे था 'पाताल लोक', कदम रखते ही पसीना-पसीना हुए मजदूर6000 साल पुरानी सुरंग मिली. (Credit- Canva/सांकेतिक तस्वीर)

जर्मनी के सैक्सोनी-आनहाल्ट प्रांत में पुरातत्वविदों को एक ऐसी खोज मिली है, जिसने खुदाई करने वाले मजदूरों से लेकर वैज्ञानिकों तक को हैरान कर दिया है. इस खोज ने इतिहास की परतों को हिला कर रख दिया है. दरअसल यहां पर एक पहाड़ी के अंदर ऐसा पाताल लोक मिला है, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. यहां एक मध्यकालीन गुप्त सुरंग ऐसी जगह से निकली है, जहां पहले से ही करीब 6000 साल पुराना नवपाषाणकालीन कब्र परिसर मौजूद था.

यह खोज दिखाती है कि इंसान ने एक ही स्थान को हजारों साल तक अलग-अलग दौर में, अलग-अलग मकसद से इस्तेमाल किया. यह खोज राइनस्टेड्ट गांव के पास डॉर्नबर्ग नामक एक छोटी पहाड़ी पर हुई, जहां पवन ऊर्जा परियोजना से पहले खुदाई की जा रही थी. खुदाई का काम सैक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य विरासत और पुरातत्व कार्यालय की ओर से किया जा रहा था. किसी को अंदाजा नहीं था कि जमीन के नीचे इतिहास का ऐसा रहस्य छुपा बैठा है.

कब से यहां मौजूद है ये इलाका?

इस जगह पर पहले ही नवपाषाण युग की ट्रेपेजॉइड खाई थी, यहां कांस्य युग के संभावित समाधि टीले के निशान मिल चुके थे. अब इन सबने साफ कर दिया कि यह इलाका हजारों वर्षों तक धार्मिक और अंतिम संस्कार से जुड़े अनुष्ठानों के लिए इस्तेमाल होता रहा लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई, जब पुरातत्व वैज्ञानिकों को इसी प्राचीन कब्र के भीतर मध्य युग की एक दबी हुई सुरंग मिली, जो पाताल में ले जाती है.

  1. इन हाथ से खोदी गई संकरी भूमिगत सुरंगों को एर्डस्टॉल कहा जाता है, जो आमतौर पर मध्यकाल की मानी जाती हैं. उत्तरी जर्मनी में ये बेहद दुर्लभ हैं और आज तक इनके असली उद्देश्य पर बहस जारी है. कुछ विशेषज्ञ इन्हें युद्ध या संकट के समय छिपने की जगह मानते हैं, तो कुछ इसे रहस्यमय या धार्मिक इस्तेमाल से जोड़ते हैं.
  2. राइनस्टेड्ट में शुरुआत में इसे कब्र समझा गया, क्योंकि इसका आकार लंबा था और ऊपर एक बड़ा पत्थर रखा था. हालांकि जैसे-जैसे खुदाई आगे बढ़ी, नीचे ढलान, मिट्टी की परतें, मध्यकालीन मिट्टी के बर्तन, खाली जगहें और पत्थर सामने आए, जो एक सुरंग प्रणाली के साफ संकेत थे.

क्या-क्या मिला पाताल लोक में?

  • यह सुरंग उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ती है. इसकी ऊंचाई लगभग 1 से 1.25 मीटर और चौड़ाई 50 से 70 सेंटीमीटर है. छत नुकीले आकार की है, दीवार में एक छोटा आला बना है और दरवाजे पर एक तराशी हुई सीढ़ी भी मिली है. सबसे रहस्यमय संकेत प्रवेश द्वार के पास रखे गए बड़े पत्थर हैं, जो बताते हैं कि शायद इस सुरंग को जानबूझकर अंतिम उपयोग के बाद बंद कर दिया गया.
  • अंदर से घोड़े की नाल, मध्यकालीन मिट्टी के बर्तन, लोमड़ी का कंकाल, छोटे जानवरों की हड्डियां और नीचे की सतह पर कोयले की पतली परत मिली. मिट्टी जली हुई नहीं थी, जिससे पता चलता है कि यहां आग थोड़ी देर के लिए जलाई गई थी.

600 साल पहले क्यों खोदी गई सुरंग?

पुरातत्वविदों का मानना है कि या तो यह प्राचीन संरचना तब भी जमीन के ऊपर दिखाई देती थी और पहचान के लिए उपयुक्त थी. पहले लोग इसे कब्र मानकर इससे दूर रहते थे, ऐसे में ये गुप्त ठिकाना बनता गया. राइनस्टेड्ट की यह सुरंग इस बात का सबूत है कि कैसे अलग-अलग सभ्यताओं ने एक ही जगह पर तरह-तरह की गतिविधियां की. यूरोप में बढ़ती विकास परियोजनाओं के बीच यह खोज दिखाती है कि पहले इिहास को समझना कितना जरूरी है.

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Prateeti Pandey

News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें

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पहाड़ी के नीचे था ‘पाताल लोक’, कदम रखते ही पसीना-पसीना हुए मजदूर

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