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क्यों शेख हसीना की बेटी को WHO ने भेजा लंबी छुट्टी, बेटा कहां और क्या करता है

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल यानि आईसीटी ने मौत की सजा सुनाई है. वो इसके खिलाफ अपील कर सकती हैं. उनके परिवार को बांग्लादेश की सबसे प्रतिष्ठित फैमिली के रूप में जाना जाता रहा है. पिता को इस देश का फाउंडर कहा जाता है. तो पति जाने माने साइंटिस्ट थे. बेटी वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन में बड़े ओहदे पर थीं. बेटा बड़ा बिजनेसमैन.

50 साल पहले जब बांग्लादेश में सैन्य तख्तापलट हुआ तो उनके माता-पिता और तीनों भाइयों की हत्या कर दी गई. शेख हसीना और उनकी छोटी बहन इसलिए बच पाईं, क्योंकि वो विदेश में थीं.

शेख हसीना की बेटी साइमा दिल्ली में रहती हैं तो बेटा अमेरिका में. पति का निधन कुछ साल पहले हो चुका है. वह खुद एक साल से कहीं ज्यादा समय से भारत में शरण लेकर रह रही हैं.

53 वर्षीय साइमा वाजेद दिल्ली में रहती हैं. वह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय निदेशक के रूप में काम कर रही थीं. लेकिन उन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन से अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेजा गया है.

WHO के एशिया आपरेशंस संभालती थीं

साइमा वाजेद को 1 जनवरी 2024 में WHO ने दिल्ली में क्षेत्रीय निदेशक नियुक्त किया था. तब से वह दिल्ली में ही हैं. इस पद को संभालने से पहले वह मानसिक स्वास्थ्य और ऑटिज्म पर डब्ल्यूएचओ महानिदेशक के सलाहकार के रूप में काम कर चुकी थीं.

शेख हसीना की बेटी साइमा फिलहाल दिल्ली में ही रह रही हैं. उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. वैसे उनका बचपन भी इसी शहर में गुजरा है. (courtesy WHO)

किन आरोपों की वजह से लंबी छुट्टी पर भेजा

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शेख हसीना की बेटी साइमा वाजेद को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोपों के बाद अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेजा है. इस आधिकारिक घोषणा का स्रोत WHO द्वारा जारी प्रेस स्टेटमेंट और कई समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट है. WHO ने साइमा वाजेद को दक्षिण-पूर्व एशिया के रीजनल डायरेक्टर के पद से अनिश्चितकालीन अवकाश पर भेजने की पुष्टि की है. ये कार्रवाई बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद की गई. इसलिए लगता है कि उन पर ये आरोप राजनीति वजहों से ही लगाए गए हैं.

पेशे से मनोवैज्ञानिक 

शेख हसीना की बेटी साइमा पेशे से मनोवैज्ञानिक हैं. उन्होंने न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है. वह न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों पर बांग्लादेश की राष्ट्रीय सलाहकार समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं.

बचपन दिल्ली में ही बीता

साइमा के बचपन का कुछ हिस्सा तब नई दिल्ली और भारत में ही बीता था, जब उनकी मां निर्वासन में यहां रह रहीं थीं. साइमा राजनीति से बहुत दूर रहती हैं.

शेख हसीना के पति एम ए वाजेद बांग्लादेश के जाने माने भौतिक विज्ञानी थे. उनकी मृत्यु 2009 में कई बीमारियों की वजह से हुई। (WIKI COMMONS)

वह यूके, यूएसए, कनाडा और यूएई सहित कई देशों में रह चुकी हैं.  वहां काम कर चुकी हैं. उनके पति खांडेकर मसूर हुसैन मीतू बांग्लादेश के ही राजनीतिक परिवार से ही हैं, लेकिन उनके बारे में कोई खबरें नहीं रहतीं.

पति जाने – माने साइंटिस्ट, किताबें भी लिखीं

शेख हसीना के पति एम ए वाजेद बांग्लादेश के जाने माने भौतिक विज्ञानी थे. वह देश के एटामिक एनर्जी कमीशन के चेयरमैन भी थे. उन्होंने फिजिक्स की कई किताबें भी लिखीं. उनका निधन 67 वर्ष की उम्र में बीमारी से हुई. वाजेद ने कुछ समय तक भारत में भी भारतीय परमाणु ऊर्जा आयोग की नई दिल्ली स्थित लैब में भी काम किया. निर्वासन की अवधि में वह भी अपनी वाइफ के साथ भारत में ही रहे. निधन के बाद उन्हें बांग्लादेश में रंगपुर के पीरगंज में पैतृक गांव में पारिवारिक कब्रिस्तान में दफनाया गया.

बेटा अमेरिका में बिजनेसमैन

शेख हसीना के बेटे का नाम सजीब अहमद वाजेद हैं. जब शेख हसीना पिछले साल बांग्लादेश छोड़कर भारत आईं तो उन्होंने दुनियाभर के मीडिया के सामने मां का पक्ष रखने का जिम्मा संभाला था. ये बताया कि किस तरह उनकी मां ने आर्थिक तौर पर बदहाल बांग्लादेश की तकदीर बदली.

शेख हसीना के बेटे सजीब वाजद वैसे तो अमेरिका में बिजनेसमैन हैं लेकिन पिछले कुछ सालों से वह बांग्लादेश में राजनीति में सक्रिय हो रहे थे. वहां वह मीडिया से उलझने के कारण विवादास्पद शख्सियत भी थे. (WIKI COMMONS)

सजीब वाजेद जॉय अमेरिका में रहकर बिजनेस करते हैं. हालांकि वह बांग्लादेश अवामी लीग के सदस्य भी हैं. माना जाता है कि शेख हसीना उन्हें धीरे धीरे राजनीति में अपने उत्तराधिकारी के तौर पर तैयार कर रही थीं. वह सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मामलों पर बांग्लादेश के प्रधान मंत्री के सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं.

नैनीताल से लेकर कोडईकनाल तक में पढाई 

वाजेद का जन्म 27 जुलाई 1971 को बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के दौरान ढाका में हुआ था. वाजेद ने भारत में बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई की, जिसमें नैनीताल में सेंट जोसेफ कॉलेज और तमिलनाडु के पलानी हिल्स में कोडईकनाल इंटरनेशनल स्कूल में पढाई की. इसके बाद वाजेद ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में हार्वर्ड केनेडी स्कूल में दाखिला लिया, जहां उन्होंने लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की.

अमेरिकी कंपनी में प्रेसीडेंट

वह अमेरिका स्थित फर्म वाजेद कंसल्टिंग इंक के अध्यक्ष हैं. वाजेद को डिजिटल बांग्लादेश पहल का मास्टरमाइंड माना जाता है. वाजेद ने बांग्लादेश के आईटी उद्योग को देश के सबसे बड़े निर्यात क्षेत्र में बदलने का संकल्प लिया था. हालांकि वह इसमें ज्यादा सफल नहीं हो पाए. हालांकि वाजेद बांग्लादेश में विवादास्पद शख्सियत भी रहे हैं, मीडिया से वह उलझते रहे हैं. देश के नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के साथ भी उनका टकराव हो चुका है.

भ्रष्टाचार के भी आरोप

अप्रैल 2016 में भारतीय वेबसाइट “द वायर” में डेविड बर्गमैन द्वारा लिखे गए एक एक्सक्लूसिव लेख में खुलासा किया गया कि यूनाइटेड स्टेट्स फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के एक मेमो में दर्ज 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लेन-देन को कवर करने वाली “संदिग्ध गतिविधि रिपोर्ट” (SAR) वाजेद से जुड़ी थी. साजिब वाजेद पर उनके खिलाफ गलत सूचना साझा करने का आरोप लगाया, जबकि उन्होंने शेख हसीना शासन के तहत बांग्लादेश में घोर मानवाधिकार हनन की ओर इशारा किया था.

अमेरिकी लड़की से शादी कर वहीं रहते हैं

वाजेद दो दशकों से ज़्यादा समय से अमेरिका में बसे हुए हैं. उन्होंने 26 अक्टूबर 2002 को अमेरिकी महिला क्रिस्टीन एन ओवरमायर से शादी की. उनकी एक बेटी है, जिसका नाम सोफिया है. उनका घर फॉल्स चर्च, वर्जीनिया में है. वह अपना समय बांग्लादेश और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बांटते रहे हैं.

तीनों भाइयों और माता-पिता की हत्या की गई

बांग्लादेश में जब 1975 का सैन्य तख्तापलट हुआ तो उनके माता-पिता और तीन भाइयों की हत्या कर दी गई. तब उनके परिवार में केवल शेख हसीना और छोटी बहन शेख रेहाना ही जीवित बचीं.

छोटी बहन जिंदा और लंदन में

शेख हसीना की बहन शेख रेहाना उत्तर लंदन में रहती हैं. उनका घर गोल्डर्स ग्रीन में है. शेख रेहाना पर्दे के पीछे बांग्लादेश की राजनीतिक पार्टी अवामी लीग का काम भी संभालती रही थीं लेकिन अब वह अपनी बेटी के साथ लंदन में रहती हैं. उनकी बेटी ब्रिटेन में सांसद है.

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