विदेश » सौरमंडल के केंद्र में सूर्य नहीं, बल्कि एक अदृश्य शक्ति ‘बैरिसेंटर’! जूपिटर-सैटर्न की खिंचाव से सूर्य भी करता है नृत्य

सौरमंडल के केंद्र में सूर्य नहीं, बल्कि एक अदृश्य शक्ति ‘बैरिसेंटर’! जूपिटर-सैटर्न की खिंचाव से सूर्य भी करता है नृत्य

Facebook
Twitter
WhatsApp

Last Updated:

सौरमंडल का केंद्र बैरिसेंटर है. सूर्य के साथ-साथ सभी ग्रह इसके चारों ओर घूमता है. नासा, ISRO की खोजों से कोपरनिकस थ्योरी पर नया नजरिया मिला. पढ़ें पूरी जानकारी.

सौरमंडल के केंद्र में सूर्य नहीं, बल्कि एक अदृश्य ताकत 'बैरिसेंटर'!सौरमंडल के केंद्र में सूर्य नहीं तो क्या है?

बचपन से हमलोग पढ़ते आए हैं कि हमारे सौरमंडल का केंद्र सूर्य है. सूर्य के चारों ओर आठ ग्रह चक्कर लगाते हैं, जिसमें हमारी धरती भी शामिल हो. मगर क्या हो जब पता चले कि सूर्य नहीं कोई रहस्यमयी ताकत हमारे सौर मंडल की केंद्र बिंदु है. हाल ही में नासा और अन्य विदेशी अंतरिक्ष एजेंसियों के अपने खोज में दावा किया कि सौरमंडल का वास्तविक केंद्र एक अदृश्य बिंदु है. इसे बैरिसेंटर (Barycenter) कहते हैं. यह वह रहस्यमयी जगह है जहां सूर्य और ग्रहों की कुल द्रव्यमान संतुलित होती है. यहां गुरुत्वाकर्षण की शक्ति सभी को अपनी ओर खींचती है. सूर्य भी इसी बैरिसेंटर के चारों ओर चक्कर लगाता है! नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि सूर्य स्थिर नहीं है; बल्कि वह हल्का-सा डगमगाता (wobble) है. यह डगमगाहट जूपिटर व शनि जैसे भारी ग्रहों की वजह से होती है.

बैरिसेंटर दो या अधिक पिंडों के गुरुत्वाकर्षण संतुलन का बिंदु है. सौरमंडल में सूर्य सबसे भारी (99.8% द्रव्यमान) है, इसलिए बैरिसेंटर उसके बहुत करीब रहता है. कभी सूर्य के केंद्र में, कभी सतह के बाहर. लेकिन जब जूपिटर (सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह) और शनि एक सीध में आते हैं, तो उनका खिंचाव बैरिसेंटर को बाहर खींच लेता है. नतीजा? सूर्य भी हल्का-सा नाचता है! नासा के हबल और जेम्स वेब टेलीस्कोप ने इस ‘वॉबल’ को कैद किया है. यह खोज 500 साल पुरानी कोपरनिकस थ्योरी को गलत साबित कर रही है. 1543 में निकोलस कोपरनिकस ने कहा था कि सूर्य केंद्र में है और ग्रह उसके चारों ओर घूमते हैं. लेकिन अब साबित हो गया कि सूर्य खुद एक कक्षा में है!

क्या है ये अदृश्य शक्ति

यह बैरिसेंटर सिर्फ सूर्य को नहीं, सभी ग्रहों को प्रभावित करता है. पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति समेत सभी ग्रह इसी अदृश्य केंद्र के इर्द-गिर्द घूमते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि अन्य तारा मंडलों में एक्सोप्लैनेट्स की खोज भी इसी ‘वॉबल’ से होती है. जब कोई ग्रह अपने तारे को डगमगाता है, तो दूरबीन से पता चलता है. यह तकनीक हजारों एक्सोप्लैनेट्स खोज चुकी है.

स्पेस मिशन के लिए यह जरूरी

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो भी इस शोध से जुड़ी है. चंद्रयान-3 और मंगलयान मिशनों में बैरिसेंटर की गणना जरूरी थी. भविष्य में आर्टेमिस मिशन (चंद्रमा) और मार्स मिशन के लिए यह समझ अनिवार्य है. नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम में बैरिसेंटर की भूमिका पर विशेष अध्ययन हो रहा है.

ये एक म्यूजशियन है

वैज्ञानिक डॉ. एरिक ममाजेक कहते हैं, ‘ अगर सौरमंडल एक डांस है, तो बैरिसेंटर संगीतकार है.’ यह अदृश्य शक्ति ब्रह्मांड की सबसे बड़ी सच्चाई है. सौरमंडल में सबकुछ गतिमान है. सूर्य का डगमगाना हमें याद दिलाता है कि हमारा तारा भी एक ‘ग्रह’ की तरह व्यवहार करता है. यह खोज अंतरिक्ष यात्रा के लिए नई दिशा देगी. क्या पता, कल कोई मिशन बैरिसेंटर को ‘देख’ भी ले!

खोज से क्या-क्या मिथक टूटा

  • पृथ्वी केंद्र थी, फिर पता चला कि सूर्य केंद्र है. अब पता चला कि बैरिसेंटर केंद्र है!
  • भविष्य: स्पेस मिशनों में बैरिसेंटर की गणना अनिवार्य हो जाता है.
  • आप क्या सोचते हैं? वोट करके बताइये.

authorimg

Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व… और पढ़ें

homeworld

सौरमंडल के केंद्र में सूर्य नहीं, बल्कि एक अदृश्य ताकत ‘बैरिसेंटर’!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share Market

Share Market

Gold & Silver Price

Should NEET exam be conducted again?

टॉप स्टोरी