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100 लोगों पर 39 बंदूकें! जानिए दुनिया के 8 सबसे हथियारबंद देश और भारत की रैंक

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Top 8 Gun Ownership Countries: दुनिया में कई देश ऐसे हैं जहां बंदूकें लोगों से ज़्यादा हैं. अमेरिका में हर 100 नागरिकों पर 120 बंदूकें हैं, जबकि यमन, सर्बिया और कनाडा भी इस सूची में शामिल हैं. वहीं भारत में यह संख्या मात्र 5.3 बंदूकें प्रति 100 लोग है. सख्त कानूनों और परंपराओं के कारण भारत दुनिया के सबसे कम हथियार रखने वाले देशों में से एक है. (सभी फोटो Reuters)

दुनिया के कई देशों में हथियार सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि संस्कृति का हिस्सा बन चुके हैं. कुछ देशों में बंदूक रखना आम बात है तो कुछ में यह सख्त प्रतिबंधित है. लेकिन आंकड़े चौंकाते हैं. कुछ देशों में लोगों से ज़्यादा बंदूकें हैं! स्विट्ज़रलैंड स्थित Small Arms Survey की रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में ऐसे देश हैं जहां हर 100 नागरिकों पर 120 से भी ज़्यादा हथियार हैं. आइए जानते हैं वो 8 देश जो सबसे ज़्यादा हथियारों से लैस हैं और देखें भारत कहां खड़ा है.

संयुक्त राज्य अमेरिका का नाम इस सूची में पहले स्थान पर है. यहां बंदूकें लोगों की पहचान और राजनीति दोनों में गहराई से जुड़ी हैं. आंकड़ों के मुताबिक हर 100 अमेरिकियों पर लगभग 120.5 बंदूकें हैं. यानी देश में लोगों से ज़्यादा हथियार! अमेरिका में निजी हथियार रखने की परंपरा “फ्रीडम” के प्रतीक के रूप में देखी जाती है. लेकिन इसी ने गन वायलेंस और स्कूल शूटिंग जैसी बड़ी समस्याओं को जन्म दिया है.

यमन भले ही दशकों से गृहयुद्ध में झुलस रहा हो, पर हथियारों के मामले में यह बेहद समृद्ध देश है. यहां हर 100 लोगों पर करीब 52.8 बंदूकें हैं. सवाल उठता है कि क्या इतने हथियारों की वजह से युद्ध हुए या युद्ध ने हथियार बढ़ाए? यहां हथियार परिवार की संपत्ति माने जाते हैं, और यही सामाजिक ढांचे में अस्थिरता की वजह भी बनते हैं.

साइप्रस में गन ओनरशिप यानी निजी हथियार रखना कानूनी है, लेकिन सख्त नियमों के साथ. यहां लगभग 36 बंदूकें प्रति 100 नागरिकों पर हैं. दिलचस्प बात यह है कि बंदूकों के बावजूद क्राइम रेट बहुत कम है. इसका कारण है कठोर नियम, नियंत्रित लाइसेंस और पुलिस की सक्रिय निगरानी. यहां बंदूकें आत्मरक्षा से ज़्यादा परंपरा और खेल का हिस्सा हैं.

यूरोप का छोटा देश मोंटेनेग्रो बंदूक संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है. साल 1910 में राजा निकोलस के शासन में हर नागरिक के पास बंदूक होना ज़रूरी था. सालों के युद्धों ने यहां हथियारों की भरमार कर दी. आज इस देश में हर 100 नागरिकों पर लगभग 39.1 बंदूकें हैं. यहां बंदूकें शक्ति और सम्मान का प्रतीक मानी जाती हैं.

सर्बिया, जो कभी यूगोस्लाविया का हिस्सा था, आज भी अपनी पुरानी मिलिट्री संस्कृति को संभाले हुए है. यहां लगभग 2.7 मिलियन नागरिकों के पास 39.1 हथियार प्रति 100 लोगों के हिसाब से हैं. सर्बियाई समाज में बंदूकें परिवार की परंपरा हैं. लेकिन सरकार अब धीरे-धीरे गन कंट्रोल के कानून सख्त कर रही है ताकि हिंसा और अवैध व्यापार पर लगाम लग सके.

कनाडा में हथियारों के नियम अमेरिका जितने उदार नहीं हैं, फिर भी यहां हर 100 लोगों पर लगभग 34.7 बंदूकें हैं. 3.6 करोड़ की आबादी में करीब 1.27 करोड़ बंदूकें हैं. हालांकि, कनाडा में गन वायलेंस अमेरिका की तुलना में बहुत कम है, क्योंकि यहां पंजीकरण और लाइसेंस प्रक्रिया बेहद सख्त है.

दक्षिण अमेरिका का यह छोटा देश उरुग्वे भी दुनिया के सबसे हथियारबंद देशों में शामिल है. यहां हर 100 नागरिकों पर लगभग 34.7 बंदूकें हैं. दिलचस्प बात यह है कि यहां अपराध दर बेहद कम है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इसका कारण है लोगों में आत्म-अनुशासन और सरकार का मजबूत निगरानी तंत्र.

फिनलैंड का नाम सुनते ही ठंड और शांति का ख्याल आता है, लेकिन यह देश हथियारों में भी अग्रणी है. 5.5 मिलियन की आबादी में 1.79 मिलियन बंदूकें हैं. यानी हर 100 लोगों पर 32.4 हथियार. फिर भी अपराध दर बेहद कम है. कारण- उत्कृष्ट प्रशासन, सामाजिक भरोसा और जिम्मेदार गन कल्चर.

अब बात भारत की. यहां हर 100 नागरिकों पर केवल 5.3 बंदूकें हैं, जो दुनिया में सबसे कम आंकड़ों में शामिल है. भारत में हथियार परंपरा का हिस्सा तो हैं- जैसे तलवार, किरपान. लेकिन गन लाइसेंस बेहद सख्त प्रक्रिया से मिलते हैं. यही कारण है कि भारत में आम नागरिकों के पास बंदूक रखना मुश्किल है, जिससे गन वायलेंस के मामले दुनिया के कई देशों से बहुत कम हैं.

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100 लोगों पर 39 बंदूकें! दुनिया के 8 सबसे ‘हथियारबंद’ देश, क्या है भारत का हाल

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