Agency:एजेंसियां
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Russia Japan Tension: रूस ने जापान के 30 नागरिकों, जिनमें विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तोशीहिरो कितामुरा भी शामिल हैं, पर एंट्री बैन लगा दिया है. यह कदम जापान की ओर से रूस पर प्रतिबंधों के जवाब में उठाया गया है. टोक्यो ने इसे ‘बिल्कुल अस्वीकार्य’ बताया और रूस पर यूक्रेन युद्ध की जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया.

क्वाड में शामिल जापान पर रूस ने कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. रूस और जापान के बीच कूटनीतिक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. रूस ने मंगलवार को एक नई लिस्ट जारी कर दी, जिसमें 30 जापानी नागरिकों को अपने देश में प्रवेश से अनिश्चितकाल के लिए बैन कर दिया गया है. यह कदम टोक्यो की ओर से लगाए गए एंटी-रशियन प्रतिबंधों के जवाब के रूप में उठाया गया है. रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि जापान की लगातार जारी ‘कथित प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों’ के जवाब में यह फैसला लेना पड़ा है. बैन की इस नई सूची में जापान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तोशिहिरो कितामुरा का नाम सबसे ऊपर है. इसके अलावा कई पत्रकारों और जापान की प्रमुख यूनिवर्सिटीज के प्रोफेसरों को भी इसमें शामिल किया गया है.
रूस का आरोप है कि यूक्रेन में चल रहे ‘स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन’ के बाद से जापान लगातार पश्चिमी देशों की लाइन पर चलते हुए रूस पर नए-नए प्रतिबंध लगा रहा है. न्यूज एजेंसी Tass के मुताबिक जापान ने बीते महीनों में कई चरणों में एंटी-रशियन सैंक्शन पैकेज लागू किए. रूसी राजदूत निकोले नोजड्रेव के हवाले से Tass ने रिपोर्ट किया कि जापान ने पश्चिमी देशों वाले गुट में शामिल होने के फायदे को रूस के साथ संबंधों से ज्यादा समझा. उन्होंने कहा कि जापान ने वास्तव में अपने एक बड़े पड़ोसी के साथ रिश्तों को नुकसान पहुंचा दिया है.
बैन पर क्या बोला जापान?
बैन पर जापान की प्रतिक्रिया भी काफी कड़ी रही. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को जापान सरकार ने रूस के इस कदम को बिल्कुल अस्वीकार्य बताया. जापान के चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी मिनोरू किहारा ने कहा कि यह कदम पछतावा करने लायक है और जापान इसका विरोध करता है. उन्होंने कहा कि रूस अपनी सैन्य कार्रवाई के लिए दूसरों पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रहा है, जबकि असली जिम्मेदारी उसी की है.
किहारा ने कहा कि दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर होने वाले संपर्क महत्वपूर्ण हैं और इस तरह के फैसले रिश्तों को और खराब कर सकते हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि जापान यूक्रेन में शांति लाने के लिए प्रयास जारी रखेगा और साथ ही अपने राष्ट्रीय हितों को भी सुरक्षित रखेगा. दिलचस्प बात यह है कि रूस के साथ जारी तनाव के बावजूद जापान अभी भी रूस के सखालिन द्वीप से ऊर्जा आयात कर रहा है. सितंबर में जापान ने रूस की कंपनियों और कई व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए थे. इसके जवाब में रूस पहले भी जापानी अधिकारियों और नागरिकों पर बैन लगा चुका है.

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने… और पढ़ें
November 13, 2025, 08:15 IST





