विदेश » Dolphins Boiled Alive In Hot Water Of Amazon Lake Tefe Climate Change Tragedy Trailer Of Future | ‘उबलते पानी में जिंदा पक गईं डॉल्फिन’ अमेजन की झील बनी मौत का तंदूर, वैज्ञानिकों ने कहा- भविष्य का ट्रेलर है

Dolphins Boiled Alive In Hot Water Of Amazon Lake Tefe Climate Change Tragedy Trailer Of Future | ‘उबलते पानी में जिंदा पक गईं डॉल्फिन’ अमेजन की झील बनी मौत का तंदूर, वैज्ञानिकों ने कहा- भविष्य का ट्रेलर है

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अमेजन के घने जंगल आसमान में नमी छोड़ते हैं. इसे ‘धरती की सांस’ कहा जाता है. लेकिन ब्राजील के Lake Tefé में यह संतुलन पूरी तरह टूट चुका है. यहां पानी 41°C तक गर्म हो गया, यानी किसी हॉट टब से भी ज्यादा गर्म. झील में फंसी सैकड़ों अमेजन डॉल्फिन्स जिंदा उबलकर मर गईं. वैज्ञानिक जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने झील को एक विशाल गर्म तवे जैसा पाया. पानी उबल रहा था, सतह से उठती गर्मी दूर से दिखाई दे रही थी, और किनारों पर कीचड़ सूखकर दरारों में बदल चुकी थी. हाइड्रोलॉजिस्ट आयन फ्लेशमैन (Mamirauá Institute for Sustainable Development) ने बताया, ‘आप पानी में उंगली नहीं डाल सकते थे. ऐसा लग रहा था जैसे उबलते बाथवॉटर में हाथ डाल रहे हों.’ सिर्फ एक हफ्ते में 153 से ज्यादा डॉल्फिन्स की लाशें झील में तैरती मिलीं. इनमें 130 Pink Amazon River Dolphins और 23 Tucuxi Dolphins शामिल थीं. दोनों ही प्रजातियां पहले से लुप्तप्राय हैं.

जांच में सामने आया कि झील का बढ़ा तापमान सिर्फ सतह तक सीमित नहीं था, बल्कि गहराई तक पहुंच गया था. नीचे कहीं ठंडी परत नहीं बची थी. डॉल्फिन्स के पास भागने की कोई जगह नहीं थी. वे वहीं पकती रहीं, धीरे-धीरे दम घुटता गया.

ग्लोबल वॉर्मिंग का असली चेहरा

रिपोर्ट के अनुसार, यह त्रासदी कई जलवायु कारणों के मेल से हुई. अमेजन क्षेत्र में भीषण सूखा पड़ा जिससे पानी का स्तर गिर गया. तेज धूप और लगातार गर्मी ने बचे हुए पानी को उबाल दिया. हवा न चलने से झील की ऊपरी गर्मी फैल नहीं पाई. गाद और तलछट ने पानी में गर्मी फंसा ली. इसका नतीजा यह हुआ कि एक पूरी झील ‘हीट चैंबर’ में बदल गई.

सैटेलाइट रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले तीन दशकों में अमेजन की झीलें 0.6°C प्रति दशक की दर से गर्म हो रही हैं, दुनिया के औसत से कहीं ज्यादा तेजी से. अब अमेजन वह ‘प्राकृतिक एसी’ नहीं रहा जो धरती का तापमान नियंत्रित रखता था. यह खुद जल रहा है.

डॉल्फिन्स ही नहीं, पूरी झील मर गई!

दुनियाभर में सुर्खियां डॉल्फिन्स की मौत पर रहीं, लेकिन असली त्रासदी इससे कहीं बड़ी थी. झील की मछलियां हजारों की संख्या में मर गईं. पानी का रंग लाल पड़ गया. फाइटोप्लैंकटन ब्लूम ने उसमें सड़ी हुई बदबू भर दी. स्थानीय आदिवासी समुदाय इसी झील से मछली पकड़कर अपना जीवन चलाते थे. वे अब भूख और प्रदूषण दोनों से जूझ रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘झील अब पानी नहीं, मौत बन गई है.’

यह कोई हादसा नहीं, आने वाले कल की झलक है

वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि यह कोई ‘फ्रीक एक्सीडेंट’ नहीं है. यह भविष्य का ट्रेलर है. जैसे-जैसे अमेजन में सूखा और गर्मी बढ़ रही है, ऐसी ‘मास डेथ’ घटनाएं आम हो जाएंगी. फ्लेशमैन ने कहा, ‘यह जलवायु आपातकाल की शुरुआत है. हमने कभी नहीं सोचा था कि प्रकृति की सीमाएं इतनी जल्दी टूट जाएंगी. लेकिन अब हम उन्हें टूटते देख रहे हैं.’

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