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why china pakistan bangladesh targeting india northeast corridor yunus government forget bangladesh 2 chicken necks Rangpur division Chittagong

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भारत की संवेदनशील कॉरिडोर को टारगेट करने वाले मोहम्मद युनुस, बांग्लादेश के 2-2 चिकन नेक भूल रहे हैं, जो भारत मरोड़ दे तो युनुस को लेने के देने पड़ जाएंगे.

भारत की चिकन नेक पर गंदी नजर, यूनुस भूल गए खुद की 2 'नाजुक गर्दनें'?बांग्लादेश की चिकन नेक

ढाका: भारत के एहसान फरामोश पड़ोसी बंग्लादेश ने एकबार फिर से चिकन नेक को लेकर घटिया हरकत की है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुखिया मोहम्मद युनुस ने पाकिस्तान के जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को एक विवादित नक्शा थमाया है, जिसमें भारत के कुछ राज्यों का बांग्लादेश का हिस्सा बता दिया है, जो ‘चिकन नेक’ कहे जाने वाले हिस्से से जुड़े हैं. भारत के इस सेंसेटिव हिस्से पर यूनुस काफी समय से गंदी नजर गड़ाए हुए हैं. हालांकि, भारत का ये ‘एहसान फरामोश’ पड़ोसी अपनी 2-2 ‘गर्दनें’ भूल गया है, जो एक तरह से भारत के हाथ में ही हैं.

India की Chicken Neck पर क्यों है गंदी नजर?

भारत के ‘सिलीगुड़ी कॉरिडोर’ को ही चिकन नेक कहा जाता है. इस नाम के पीछे की वजह इस इलाके का एरिया है, जो बेहद संकरा और संवेदनशील है. ये रास्ता भारत के लिए बेहद अहम है क्योंकि इसके जरिए पूरा नॉर्थ ईस्ट, बाकी भारत से जुड़ता है. पश्चिम बंगाल में स्थित इस पतले से रास्ते से भारत अपने आठ पूर्वोत्तर राज्यों से कनेक्ट होता है. ये कॉरिडोर पूर्वोत्तर के 7 राज्यों और सिक्किम के लिए सड़क, रेल और व्यापार का एकमात्र रास्ता है. चाय, तेल, और पर्यटन उद्योग इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं. इस हिस्से को पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश मिलकर इसलिए टारगेट करते हैं क्योंकि अगर ये हाथ से निकल जाए तो भारत का अभिन्न हिस्सा अलग हो जाएगा.

Indian Army के लिए जरूरी

यह कॉरिडोर आठ राज्यों को देश की मुख्यभूमि से जोड़ता है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं. सिलीगुड़ी कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों में 60 किलोमीटर लंबाई और 21 किलोमीटर चौड़ाई में फैला हुआ है. ये राष्ट्रीय राजमार्ग 27 (पूर्व में NH-31) और रेल नेटवर्क के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत को मुख्यभूमि से जोड़ता है. हिमालय की तलहटी में बसे इस इलाके से भारत की सीमा बांग्लादेश, नेपाल से लगती है.

ये इलाका भारतीय सेना के लिए इसलिए अहम है क्योंकि यहां से ही देश के पूर्वोतर खासकर अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में सैन्य आपूर्ति और बलों की तैनाती की जाती है. भारत-चीन बॉर्डर तनाव के दौरान सैन्य आपूर्ति और सैनिकों की तैनाती के लिए ये कॉरिडोर बेहद अहम है.

Bangladesh की Chicken Neck का क्या होगा हाल?

बता दें कि यूनुस इससे पहले भी भारत के ‘चिकन नेक’ को टारगेट कर चुके हैं लेकिन हर बार अपने देश की सेंसेटिव ‘नेक’ भूल जाते हैं. इसी साल की शुरुआत में असम के मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश को उसकी दो-दो ‘चिकन’ के बारे में याद दिलाया था.
Bangladesh Chicken Neck
बांग्लादेश चिकन नेक
मरोड़ी जाए तो क्या होगा Bangladesh का हाल?

एक ‘चिकन नेक’ रंगपुर डिवीजन के दक्षिण में स्थित गलियारा है, जो मेघालय के पड़ोस में ही है. दूसरा ‘चिकन नेक’ कॉरिडोर मुख्य बांग्लादेश को उसके सबसे बड़े बंदरगाह शहर चटगांव से जोड़ता है. बांग्लादेश की ये चिकन नेक अगर मरोड़ी जाए तो यूनुस की 20% जमीन मुख्यभूमि से अलग हो सकती है और चटगांव अलग-थलग पड़ जाएगा, जहां से देश के 90% निर्यात-आयात साधे जाते हैं.

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भारत की चिकन नेक पर गंदी नजर, यूनुस भूल गए खुद की 2 ‘नाजुक गर्दनें’?

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