Agency:एजेंसियां
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Which Country Had been in War for 44 years: हम देख रहे हैं कि युद्ध अगर 2 या 4 साल भी खिंच जाए, तो देशों की स्थिति क्या हो जाती है. खाने-पीने से लेकर लोगों को एक-एक दिन जान बचाने का संघर्ष करना पड़ जाता है. बावजूद इसके एक देश 44 साल युद्ध में था, पर उसकी धरती पर खून की एक बूंद भी नहीं गिरी.
अंडोरा का इतिहास है दिलचस्प. (Credit- Canva)Country with No PM or President: दुनिया में ऐसी बहुत सी जगहें ऐसा दिलचस्प इतिहास समेटे हुए हैं कि उनके बारे में जानकर कोई भी दंग रह जाएगा. कुछ ऐसा ही एक देश है, जो आज तो दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक है लेकिन एक वक्त था कि वो 44 साल तक जंग में रहा. आप भी सोच रहे होंगे कि भला ऐसा कैसे हुआ? तो चलिए बताते हैं अंडोरा नाम के इस देश की बहुत ही हैरान करने वाली हिस्ट्री, जो आपका दिमाग हिलाकर रख देगी.
कैसे बिना आर्मी के चली 44 साल तक जंग
अंडोरा उन शुरुआती देशों में शामिल था जिन्होंने जर्मनी और ऑस्ट्रो-हंगरी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की थी. दिलचस्प ये है कि अंडोरा के पास अपनी कोई सेना नहीं थी, इसलिए युद्ध में उसकी सीधी भूमिका नहीं थी. जब युद्ध खत्म हुआ और शांति समझौतों की बात आई, तो दुनिया भर के बड़े नेता और सेनापति व्यस्त थे और इसी हड़बड़ी में किसी को अंडोरा को नोटिस तक नहीं किया. साल 1919 में जब वर्साय संधि (Treaty of Versailles) पर हस्ताक्षर हुए, तब अंडोरा को आमंत्रित ही नहीं किया गया. यही वजह रही कि तकनीकी तौर पर एंडोरा और जर्मनी के बीच युद्ध खत्म ही नहीं हुआ.
कैसे हुआ युद्ध का अंत?
इस तरह एंडोरा के लिए पहला विश्वयुद्ध लगातार जारी रहा, जब तक कि 1958 में उसे आधिकारिक तौर पर समाप्त घोषित नहीं कर दिया गया. 24 सितंबर 1958 को द न्यूयॉर्क टाइम्स ने यह खबर छापी कि पहले विश्व युद्ध का अंत अब इस 191 वर्ग मील के पिरेनीज गणराज्य (अंडोरा) के लिए भी हो गया. अंडोरा युद्ध में शामिल था, लेकिन वर्साय शांति सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया गया था. युद्ध की स्थिति समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया. इस तरह इतनी लंबी जंग के बाद अंडोरा और जर्मनी आखिरकार शांति के युग में लौट आए और दुनिया ने राहत की सांस ली.
अंडोरा में न राजा, न पीएम न प्रेसिडेंट
अंडोरा सिर्फ इतने के लिए ही नहीं बल्कि इसलिए मशहूर है क्योंकि इस छोटे से देश पर कोई राज ही नहीं करता. न तो यहां पर कोई प्रधानमंत्री, न राष्ट्रपति, न सेना है न सेनापति. यहां कोई राजा भी नहीं सिर्फ दो प्रिंस मिलकर इस देश को चलाते हैं. यहां कोई एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन तक नहीं है लेकिन लाखों लोग यहां घूमने के लिए आते हैं क्योंकि इस देश में अगर आप सोते हैं तो स्पेन और फ्रांस इतने नजदीक हैं कि कार से आप एक जगह नाश्ता तो दूसरी जगह रात का खाना खा सकते हैं.
News18 में Offbeat डेस्क पर कार्यरत हैं. इससे पहले Zee Media Ltd. में डिजिटल के साथ टीवी पत्रकारिता भी अनुभव रहा है. डिजिटल वीडियो के लेखन और प्रोडक्शन की भी जानकारी . टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के सा…और पढ़ें
News18 में Offbeat डेस्क पर कार्यरत हैं. इससे पहले Zee Media Ltd. में डिजिटल के साथ टीवी पत्रकारिता भी अनुभव रहा है. डिजिटल वीडियो के लेखन और प्रोडक्शन की भी जानकारी . टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के सा… और पढ़ें
October 28, 2025, 14:15 IST





