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Hurricane Melissa: साइक्लोन मोंथा भारत के पूर्वी राज्यों में तबाही मचाने आ रहा है. मगर, एक और समुद्री तूफान 281 KM की रफ्तार से जमीन की ओर तेजी से बढ़ रहा है. इसकी वजह से लाखों लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है.
समंदर से आ रही है एक और तबाही. भारत में साइक्लोन मोंथा ने टेंशन बढ़ा दिया है. 75 से 85 किलोमीटर की रफ्तार से आ रहे इस चक्रवाती तूफान के मंगलवार शाम या रात में लैंडफॉल होने की संभावना है. इसे देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट जारी कर किया गया है. अगर, इससे हटकर एक तबाही इंतजार कर रही है. 281 किलोमीटर की रफ्तार से तूफान आ रहा है. इस तूफान के लैंडफाल से पहले ही असर होने लगा है. तूफान मेलिसा अभी भी तट से काफी दूर है, लेकिन इसका असर दिख रहा है. मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं कहर ढा रही हैं. सोशल मीडिया पर पेड़ गिरने, भूस्खलन और बिजली के तार टूटने की खबरें वायरल हो रही है.
दरअसल, कैरेबियन द्वीप पर जमैका पर मंडरा रहे खतरे तूफान मेलिसा (Hurricane Melissa) की बात कर रहे हैं. ताजा अपडेट के अनुसार, मेलिसा को श्रेणी 5 का तूफान में रखा गया है. यह अभी भी तट से काफी दूर है. लेकिन, इसकी वजह से डेवलप हुई मौसमी गतिविधियों की वजह से तेज हवाएं और मूसलाधार बारिश कहर बरपा रही है. 900 से अधिक लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है. हालांकि, 28 लाख आबादी वाले इस द्वीप पर खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि इस तूफान की तट की ओर बढ़ने की रफ्तार काफी कम है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस किसी तूफान का सेंटर की मूविंग रफ्तार जितनी कम होती है उसका इंपैक्ट काफी ज्यादा होता है.
अमेरिकी मौसम ट्रैकर के अनुसार, मेलिसा अभी भी 3.6 किलोमीटर प्रति घंटे (2 मील प्रति घंटे) की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. तूफान का केंद्र मंगलवार सुबह किसी समय जमैका के दक्षिणी तट पर पहुंच सकता है. लेकिन इस तूफान का सबसे बुरा असर कुछ घंटे पहले ही शुरू हो जाएगा. तूफान मेलिसा, जमैका के किंग्स्टन से लगभग 240 किलोमीटर (150 मील) दक्षिण-पश्चिम में 281 किलोमीटर प्रति घंटे (175 मील प्रति घंटे) की निरंतर हवाओं के साथ घूम रहा एक प्रचंड श्रेणी 5 तूफान है. यह अटलांटिक महासागर में अब तक दर्ज किए गए सबसे तीव्र तूफानों में से एक है.
सैटेलाइट से पता चला है कि बज-सॉ स्ट्रक्टर एक स्पष्ट, गोल आंख वाला एक प्रमुख तूफान जिसके केंद्र के चारों ओर घनी, सर्पिल पट्टियां कसकर लिपटी हुई हैं. मेलिसा की धीमी गति का मतलब है कि केंद्र के जमीन के पास पहुंचने के बाद जमैका कई घंटों तक इसकी चपेट में रहेगा. मेलिसा को इस साल का सबसे शक्तिशाली तूफान बताया जा रहा है.

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें
दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व… और पढ़ें
October 28, 2025, 08:31 IST





