विदेश » पाकिस्तान की इंटरनेशनल बेइज्जती! दक्षिण कोरिया में सेना के खिलाफ प्रदर्शन, बलूचिस्तान नरसंहार पर गूंजा विरोध

पाकिस्तान की इंटरनेशनल बेइज्जती! दक्षिण कोरिया में सेना के खिलाफ प्रदर्शन, बलूचिस्तान नरसंहार पर गूंजा विरोध

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सियोल (दक्षिण कोरिया): पाकिस्तान की सेना के खिलाफ अब आवाजें सिर्फ उसके अपने देश तक सीमित नहीं रहीं. दक्षिण कोरिया के शहर बुसान की सड़कों पर सोमवार को जब लोग हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर उतरे, तो दुनिया ने देखा कि बलूचिस्तान की दर्दभरी सच्चाई अब अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंच चुकी है.

एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुए इस विरोध प्रदर्शन ने पाकिस्तान के लिए बड़ी शर्मिंदगी खड़ी कर दी. ऐसे वक्त में जब अमेरिकी राष्ट्रपति सहित कई वैश्विक नेता सियोल में मौजूद हैं, बलूच नेशनल मूवमेंट (BNM) के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान की सेना पर “नरसंहार” और “युद्ध अपराध” के आरोप लगाकर उसकी पोल खोल दी.

बुसान में गूंजे नारे: जेहरी की घेराबंदी खत्म करो…
बुसान की सड़कों पर प्रदर्शनकारियों ने ‘जेहरी की घेराबंदी समाप्त करो’, ‘बलूचिस्तान के लिए न्याय’ और ‘बलूच नरसंहार बंद करो’ जैसे नारे लगाए. BNM कार्यकर्ताओं ने दक्षिण कोरिया के स्थानीय लोगों में अंग्रेजी और कोरियाई भाषा में पंफलेट बांटकर बताया कि बलूचिस्तान के जेहरी इलाके में पाकिस्तानी सेना ने कैसी तबाही मचाई है.

इन पंफलेट्स में लिखा था कि पाकिस्तानी सेना पहले लोगों को घरों से उठाती है और फिर उनकी हत्या कर देती है. प्रदर्शनकारियों ने कहा, “जेहरी खून से लथपथ है और दुनिया अब चुप नहीं रह सकती.”

तबाही की तस्वीरें दिखाकर उठी इंसाफ की मांग
BNM ने प्रदर्शन के दौरान तबाह हुए घरों और पीड़ित परिवारों की तस्वीरें भी दिखाई, ताकि स्थानीय लोग असलियत समझ सकें. संगठन ने बताया कि हालिया हवाई हमलों में 10 बच्चों सहित 20 से अधिक नागरिक मारे गए हैं, जबकि 50 से ज्यादा युवकों को जबरन गायब कर दिया गया है.

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने अस्पतालों को सैन्य ठिकानों में बदल दिया है और नागरिकों की आवाजाही पर 24 घंटे का कर्फ्यू लगा रखा है.

दुनिया के कई देशों में उठ रही आवाज
BNM ने पिछले हफ्ते नीदरलैंड के उट्रेच शहर में भी ऐसा ही विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई को ‘युद्ध अपराध’ बताया. वहीं अमेरिका में व्हाइट हाउस के बाहर भी BNM कार्यकर्ताओं ने “जेहरी में मानवाधिकार उल्लंघन” के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया.

पंफलेट्स में पाकिस्तान को “आतंकवादी राज्य” बताया गया, जो बलूच और अन्य उत्पीड़ित समुदायों के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करता है. प्रदर्शनकारियों ने एमनेस्टी इंटरनेशनल और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.

पाकिस्तान की साख पर फिर लगा धब्बा
एशिया-प्रशांत सम्मेलन के माहौल में हुए इस प्रदर्शन ने पाकिस्तान की छवि को और कमजोर कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने उसके मानवाधिकार रिकॉर्ड पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं.

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