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4 चोर, 4 मिनट और पेरिस के सबसे सुरक्षित म्युजियम से कैसे दिनदहाड़े हुई डकैती

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पेरिस के विश्व प्रसिद्ध संग्रहालय लूवर में 20 अक्टूबर को दिनदहाड़े ऐसी चोरी हुई कि दुनिया में हर कोई हैरान है. अपोलो गैलरी से आठ वस्तुएं चुराई गईं, जिसमें गहने और कलाकृतियां शामिल हैं. चोरों को डकैती करने में केवल 4 से 7 मिनट लगे.

20 अक्टूबर 2025. सुबह के करीब 9:30 बजे थे. पेरिस के सबसे प्रसिद्ध म्यूजियम लूवर में सबकुछ रोज की तरह थी. सुरक्षा चाकचौबंद. दर्शकों की भीड़. इस सबके बीच केवल 4 से 7 मिनट के बीच चोरों ने जिस तरह नेपोलियन और उसकी पत्नियों से जुड़े बेशकीमती गहने उड़ाए. उससे हर कोई हैरान है. दुनिया हिल गई है कि आखिर दुनिया के इतने सुरक्षित म्युजियम में कैसे इस तरह चोरी को दिनदहाड़े अंजाम दिया जा सकता है. चोर बिना किसी को चोट पहुंचाए फरार हो गए. आखिर ये कैसे हुआ होगा. फ्रांस की कल्चर मिनिस्ट्री का कहना है कि ये चोरी बहुत संगठित ऑपरेशन थी. आइए स्टेप बाय स्टेप समझते हैं कि चोरों ने ये कैसे किया.

1. चोरों ने सुरक्षा की दरारें खोजीं

बहुत ही दिमागदार और शातिर चोरों ने कई महीने म्युजियम की रेकी की. इसमें कोई शक नहीं कि चोर बेहद पेशेवर थे. उसकी सुरक्षा में दरारें देखीं. उन्होंने पाया कि अगर उन्हें नेपोलियन के बेशकीमती गहने चुराने हैं तो ये काम सबकी आंखों के सामने दिन में ही करना होगा. रात में इसे करना कठिन होगा.

चोरों ने लूवर की सुरक्षा की कमजोरियों का फायदा उठाया, खासकर अपोलो गैलरी में, जहां ये गहने प्रदर्शन के लिए रखे थे. यहां के कुछ कमरों में सीसीटीवी कवरेज भी तरीके से नहीं था. चोरों की टीम ने इसका पता लगा लिया था.

2. तैयारी से पहुंचे चोर और क्या किया

चोरों ने एक “मोबाइल फ्रेट लिफ्ट” का इस्तेमाल किया, जो एक धातु सीढ़ी वाली मशीन थी. यह निर्माण स्थलों पर इस्तेमाल होने वाली ऐसी ही मशीन लग रही थी. चोर सुबह म्यूजियम खुलने के ठीक 30 मिनट बाद (लगभग 9:38 बजे) क्वाई फ्रांस्वा मिटरां पर पहुंचे, जहां म्यूजियम का साइड एंट्रेंस है. उन्होंने आसपास निर्माण कोन लगाकर इलाके को “सुरक्षित” दिखाया, ताकि कोई शक न करे. फिर लिफ्ट को म्यूजियम की दीवार के पास लगाया. बैक से जुड़ी धातु सीढ़ी को दूसरे तल के एक खिड़की तक बढ़ाया.

3. दिनदहाड़े खिड़की का कांच काटा

लिफ्ट की टोकरी में सवार होकर दो चोर खिड़की तक पहुंचे. उन्होंने बैटरी से चलने वाले एंगल ग्राइंडर का इस्तेमाल कर खिड़की के कांच को काट दिया.

अंदर घुसते ही उन्होंने गार्ड्स को सुरक्षा का खतरा देकर धमकाया. स्टाफ को लगा कि वो लोग आपात बचावकर्मी हैं. स्टाफ ने तुरंत म्यूजियम को खाली करा दिया. कोई गोलीबारी या हिंसा नहीं हुई. वे सीधे अपोलो गैलरी पहुंचे, जो नेपोलियन के गहनों का प्रदर्शन क्षेत्र है.

4. गहनों पर हाथ साफ

अंदर पहुंचते ही उन्होंने दो डिस्प्ले केस के कांच उसी एंगल ग्राइंडर से काटे. आठ कीमती गहने निकाले. बैग में भरे. कुल 9 बेशकीमती चीजों को निशाना बनाया गया. एक गहना (सम्राज्ञी यूजनी का क्राउन) भागते समय गिर गया, जो बाद में म्यूजियम के बाहर बरामद हुआ.

5. स्कूटर पर बैठकर फरार

चोर उसी कटी हुई खिड़की से बाहर निकले. नीचे इंतजार कर रहे दो स्कूटरों पर बैठे और फरार हो गए. पूरी चोरी 4-7 मिनट में खत्म हो गई. वे पेरिस की सड़कों पर गायब हो गए. बताया जा रहा है कि चोर कथित तौर पर दो यामाहा ‘टीमैक्स’ स्कूटरों पर सवार होकर भाग गए – जिनमें शक्तिशाली 560 सीसी इंजन है स्टाफ को भी चोरी का पता तब चला जबकि वो दोबारा इस गैलरी में आए. इसमें कई मिनट बीत चुके थे. इसके बाद ही पुलिस को सूचना मिली.

क्या हैं ये चुराए गए गहने

चुराए गए 8 गहने 19वीं सदी के हैं, जो नेपोलियन, उनके भतीजे नेपोलियन तृतीय और उनकी पत्नियों के थे. इनकी कीमत “अनगिनत” यानि बेशकीमती बताई गई, जिनका मूल्य आंका नहीं जा सकता. क्योंकि ये फ्रांस की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं. ये चीजें चुराई गईं.
– एम्प्रेस मैरी-लुईस (नेपोलियन की दूसरी पत्नी) का इमराल्ड नेकलेस और इयररिंग्स सेट, जिसे नेपोलियन ने 1810 में शादी के मौके पर दिया.
– क्वीन मैरी-एमेली और क्वीन हॉर्टेंस (नेपोलियन की सौतेली बेटी) का नीलम (सैफायर) डायडेम, नेकलेस और इयररिंग्स.
– सम्राज्ञी यूजनी (नेपोलियन थर्ड की पत्नी) का ब्रोच और बड़ा कोर्सेज-बो ब्रोच.
यूजनी का डायडेम क्राउन गिर गया, जिसमें 1,354 हीरे और 56 एमराल्ड लगे हैं. ये गहने इतने दुर्लभ हैं कि इन्हें तोड़कर बेचना भी मुश्किल होगा, इसलिए पुलिस का मानना है कि यह या तो किसी कलेक्टर के लिए चोरी किया गया या गैंग का संगठित अपराध है. गहनों का वो क्या करेंगे, अभी ये पता नहीं.

चोरी के बाद से क्या हुआ है

पुलिस की कार्रवाई- फ्रांस की पुलिस चार संदिग्धों की तलाश में जुटी है. पेरिस अभियोजक कार्यालय इसे “संगठित गिरोह द्वारा गंभीर चोरी” मान रहा है. म्यूजियम दो दिनों तक बंद रहा. टिकट धारकों को रिफंड मिला.

सुरक्षा पर सवाल – कल्चर मिनिस्टर रेचाद दाती ने स्वीकार किया कि लूवर म्यूजियम की सुरक्षा में खामियां हैं. कुछ विंग्स में सीसीटीवी कवरेज केवल 25-40% है. सरकार अब म्यूजियम के ओवरहॉल प्लान में सुरक्षा बढ़ाएगी.

राजनीतिक प्रभाव – विपक्षी नेता जॉर्डन बार्डेला ने राष्ट्रपति मैक्रॉन पर हमला बोला, इसे “फ्रांस के लिए अपमान” कहा. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस डकैती को ” विरासत पर हमला” बताया. उन्होंने “चीजों को वापस पाने” और अपराधियों को “न्याय के कटघरे में लाने” का संकल्प लिया.

ये चोरी लूवर के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में एक है, जो मोनालीसा चोरी (1911) की याद दिलाती है. फिलहाल गहनों की बरामदी नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि चोरी करने वाले मार्केट में ट्रेस हो सकते हैं.

म्यूजियम में स्टाफ कम है

वैसे हाल के महीनों में लूवर में स्टाफ की कमी एक लगातार मुद्दा रहा है, इस गर्मी में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण संग्रहालय को घंटों बंद करना पड़ा था, क्योंकि उन्होंने संग्रहालय में भीड़भाड़ और बड़े पैमाने पर पर्यटन को लेकर चिंता जताई थी. 2023 में संग्रहालय ने वहां आने वालों की संख्या को रोज 30,000 तक सीमित करने का निर्णय लिया, जो पिछली सीमा का एक तिहाई है.

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