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साने ताकाइची जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं, शिंजो आबे की समर्थक हैं, कट्टर परंपरावादी नीतियों के साथ चीन की आलोचक हैं, और सामाजिक मुद्दों पर सख्त रुख रखती हैं.

तकनीक के मामाले में जापान हमेशा से दुनिया से काफी आगे रहा है, लेकिन एक चीज जापान के पास आजतक नहीं थी. वो थी महिला प्रधानमंत्री. लेकिन आज यानी 21 अक्टूबर 2025 को जापानी संसद ने साने ताकाइची को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री चुन लिया है. वह आज शाम जापान के 104वें प्रधान मंत्री के रूप में शपथ लेंगी. 64 साल की साने ताकाइची दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की एक समर्थक हैं. पुरुष-प्रधान LDP पार्टी में घुसकर उन्होंने दिखा दिया कि ‘लेडी फर्स्ट’ सिर्फ स्लोगन नहीं, रियलिटी है. लेकिन जापान में ताकाइची का आना चीन को उतना पसंद नहीं आ रहा है. आइए जानते हैं कौन हैं साने ताकाइची, जिनके प्रधानमंत्री बनते ही दुनिया की राजनीति में असर पड़ने वाला है.
साने ताकाइची का जन्म 7 मार्च 1961 को नारा प्रिफेक्चर में हुआ. राजनीति से पहले कोई संबंध नहीं रहा और कोबे यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट पढ़ाई कर ग्रेजुएशन हुईं और टीवी एंकर बन गईं. 1987 में वॉशिंगटन डीसी गईं और यूएस कांग्रेस में डेमोक्रेटिक रिप्रेजेंटेटिव पैट श्रोएडर की फेलो बनीं. यहां तक कि 1989 में अपनी US एडवेंचर पर किताब भी लिख डाली! जापान लौटने के बाद साने ताकाइची राजनीति में आ गई और वो 1992 में इंडिपेंडेंट कैंडिडेट के तौर पर हारीं पर ये उनकी आखिरी हार थी. इसके बाद वो 10 बार चुनाव जीतीं. शिंजो आबे की करीबी रहीं साने आबे को अपना ‘पॉलिटिकल गुरु’ मानती हैं. उनकी जीत कई मायनों में खास है क्योंकि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जापान में पहली बार कोई ‘नॉन-डायनेस्टी’ पीएम यानी कोई राजनीतिक खानदान से ताल्लुक नहीं है.
दीपिका शर्मा पिछले 5 सालों से News18 Hindi में काम कर रही हैं. News Editor के पद पर रहते हुए Entertainment सेक्शन को 4 सालों तक लीड करने के साथ अब Lifestyle, Astrology और Dharma की टीम को लीड कर रही हैं. पत्र…और पढ़ें
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October 21, 2025, 13:15 IST
ताकाइची के आने से जापान में महिला प्रतिनिधि आने से सोच की एक नई ब्यार तो चलेगी, लेकिन वो कई मामलों में कट्टर परंपरावादी हैं. ताकाइची महिला सशक्तीकरण की हिमायती हैं, लेकिन उनका मानना है कि जापान के शाही परिवार का उत्तराधिकारी पुरुष ही होना चाहिए. वो समलैंगिक विवाह के खिलाफ हैं. वह शादी के बाद फूफू बेसेई या विवाहित जोड़ों के लिए अलग उपनाम के विचार का विरोध करती हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह परंपरा के विरुद्ध है.
1 पति से ही की 2 शादियां
साने ताकाइची की पर्सनल जिंदगी भी काफी दिलचस्प है. उन्होंने अपने साथी संसद सदस्य ताकू यामामोतो के साथ 2004 में शादी की थी और जुलाई 2017 में इनका तलाक हो गया. लेकिन दिसंबर 2021 में दोनों ने फिर शादी कर ली. ताकाइची की कोई संतान नहीं है, लेकिन यामामोतो की पहली शादी के तीन बच्चों को उन्होंने अपनाया है और अब वो सौतेले बच्चों से उन्हें चार पोते-पोतियां हैं.
ताकाइची के ओ से चीन क्यों घबराया हुआ है?
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