विदेश » धरती को मिला दूसरा चांद, 25 लाख मील दूर से भागती आ रही ऐसी चीज़, वैज्ञानिकों की फटी रह गई आंखें

धरती को मिला दूसरा चांद, 25 लाख मील दूर से भागती आ रही ऐसी चीज़, वैज्ञानिकों की फटी रह गई आंखें

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हमारी धरती को अब एक नया ‘साथी चांद’ मिल गया है… एक छोटा-सा क्षुद्रग्रह (asteroid) जिसका नाम 2025 PN7 है. नासा (NASA) ने भी अब इसकी पुष्टि कर दी है. हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार यह कोई असली चांद नहीं, बल्कि एक ‘क्वासी मून’ (quasi moon) है, यानी ऐसा अंतरिक्ष पिंड जो पृथ्वी के साथ लगभग एक ही रफ्तार से सूर्य की परिक्रमा करता है.

यह छोटा-सा पत्थरनुमा उल्का पिंड 18 से 36 मीटर चौड़ा है, यानी एक छोटे इमारत जितना ऊंचा. लेकिन इसका महत्व वैज्ञानिकों के लिए बहुत बड़ा है. नासा का कहना है कि यह 2025 PN7 पृथ्वी के साथ पिछले 60 सालों से अंतरिक्ष में ‘साथ-साथ’ यात्रा कर रहा है और 2083 तक ऐसा ही करता रहेगा, उसके बाद यह अंतरिक्ष में दूर निकल जाएगा.

हालांकि यह चांद की तरह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बंधा नहीं है. वैज्ञानिक इसे इस तरह समझाते हैं, जैसे कोई धावक आपके साथ एक ही ट्रैक पर दौड़ रहा हो, कदम से कदम मिलाकर, लेकिन बिना टकराए.

कैसे हुआ खुलासा?

हवाई विश्वविद्यालय के खगोलविदों ने इस रहस्यमय अंतरिक्ष पिंड को अगस्त 2025 में खोजा था. यह खोज Pan-STARRS1 टेलीस्कोप से की गई. जब शोधकर्ताओं ने पुरानी खगोलीय तस्वीरें खंगालीं, तो पता चला कि 2025 PN7 की झलक 1957 से ही मिल रही थी यानी यह दशकों से पृथ्वी के साथ तालमेल बनाए हुए है.

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसकी कक्षा (orbit) सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की कक्षा से इतनी मिलती-जुलती है कि यह हमें कभी पृथ्वी के आगे तो कभी पीछे दिखाई देता है. अपने सबसे नजदीकी बिंदु पर यह 25 लाख मील (करीब 40 लाख KM) की दूरी पर आता है, जो चांद की दूरी से करीब दस गुना ज्यादा है.

सबसे छोटा क्वासी-मून

नासा ने बताया कि अब तक पृथ्वी जैसे ग्रहों के चारों ओर सिर्फ आठ क्वासी-मून की पुष्टि हुई है, और 2025 PN7 इनमें सबसे छोटा और कम स्थिर है. इसका व्यास सिर्फ 19 मीटर है, जिस वजह से इसे देखना बेहद कठिन है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी ‘विज़िबिलिटी विंडोज़’ बहुत सीमित होती हैं, यानी इसे केवल कुछ खास समय और कोणों से ही देखा जा सकता है.

खतरा नहीं, बल्कि अवसर

नासा ने साफ किया है कि यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी के लिए कोई खतरा नहीं है, बल्कि वैज्ञानिकों के लिए यह एक सुनहरा मौका है. विशेषज्ञ कार्लोस डी ला फुएंते मार्कोस के अनुसार, ‘ऐसे छोटे और पास के क्षुद्रग्रह भविष्य में मानवरहित अंतरिक्ष अभियानों के लिए आदर्श परीक्षण स्थल हो सकते हैं.’

भले ही 2025 PN7 असली चांद की तरह रात के आसमान को नहीं सजाएगा, लेकिन यह आने वाले दशकों तक पृथ्वी का मौन साथी बनकर रहेगा. हर परिक्रमा में हमारे साथ, हमारी ही कक्षा के आसपास घूमता हुआ, मानो हमें याद दिला रहा हो कि अंतरिक्ष में भी हमारी पृथ्वी कभी अकेली नहीं.

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