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लंदन में एक शख्स का आईफोन चोरी हुआ, उस आईफोन ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया जो एक साल के अंदर 40 हजार फोन चोरी कर चीन में भेज चुका था.
एक आईफोन ने 40 हजार से ज्यादा आईफोन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कराया. लंदन से आपका iPhone चोरी हो गया, आप उसे फाइंड माइ एप से चेक करते हैं. अचानक पता चलता है कि वो लंदन से हॉन्गकॉन्ग जा रहा है. ऐसी ही एक टिप से ब्रिटेन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है जिससे ऐसे 40 हजार आईफोन की चोरी सामने आई, जो चीन भेजे गए थे. पुलिस ने आईफोन चोरी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गैंग का पर्दाफाश किया और 46 लोग पकड़े गए. इनके पास से सैकड़ों की संख्या में आईफोन भी मिले हैं, जो चोरी किए गए थे.

मैं इस समय News18 App टीम का हिस्सा हूं. इससे पहले मैंने, अमर उजाला, हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में काम किया है. साथ ही टाइम्स नाउ, जागरण और टीवी9 भारतवर्ष की वेबसाइट में राजनीति, इतिहास, शिक्षा, साहित्…और पढ़ें
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October 07, 2025, 12:24 IST
बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार पुलिस को यहां से सिर्फ एक फोन मिलने की उम्मीद थी, लेकिन जब एक साथ 900 फोन मिले तो पुलिस ने इस दिशा में जांच की और एक अंतरराष्ट्रीय फोन चोर गिरोह का पता लगा. डिटेक्टिव इंस्पेक्टर मार्क गेविन के मुताबिक यह फोन एल्युमुनियम फॉइल से लपेटे गए थे, ताकि डिटेक्टर से बच सकें. यहीं से पुलिस ने ऑपरेशन इकोस्टेप लॉन्च किया, इसमें 46 गिरफ्तारियां हुईं, सामने आया कि पिछले 12 महीनों में तकरीबन 40,000 फोन तस्करी किए गए थे.
यह गैंग ‘लोकल टू ग्लोबल’ मॉडल पर चलता था. पहले चरण में लंदन की सड़कों पर चोर एक्टिव होते हैं, स्काई न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन चोरों को प्रति फोन 300 पाउंड यानी तकरीबन 32 हजार रुपये मिलते थे.ये खास तौर पर iPhones टारगेट करते थे. ये महंगे और डिमांड वाले हैं. चोरी के बाद, मिडिलमैन फोनों को इकट्ठा करते. फिर, एक्सपोर्टर्स उन्हें फॉयल में पैक कर एयर कार्गो से हॉन्गकॉन्ग भेजते. वहां से चीन के शेन्ज़ेन की सिलिकॉन वैली पहुंचते थे.
चुराए गए आईफोन लॉक होते हैं, ऐसे में इनका सीधा प्रयोग तो नहीं हो सकता, लेकिन वहां आईफोन से पार्ट्स निकालकर बेचे जाते हैं. द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक एक iPhone 17 मॉडल चीन में 3,700 पाउंड (करीब 4 लाख रुपये) तक बिकता है, क्योंकि चीन में सेंसरशिप से बचने के लिए इंटरनेट-एनेबल्ड फोन पसंद हैं. गैंग ने लंदन के 40% चुराए फोनों को एक्सपोर्ट किया! पकड़े गए लोगों में दो अफगान नागरिक और एक 29 साल का भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिनसे तकरीबन 40 हजार पाउंड कैश बरामद हुआ है.
चीन iPhone तस्करी का हॉटस्पॉट है. दरअसल शेन्ज़ेन में एक ‘स्टोलन iPhone बिल्डिंग’ है, जहां US, यूरोप और UK के चुराए फोन पहुंचते हैं. इसका कारण है कि चीन में iPhone महंगे हैं. इसके अलावा उनके पार्टस भी आयात करने पर बहुत महंगे पड़ते हैं. ऐसे में चोरी के सभी फोन के पार्टस निकालकर उन्हें बेचा जाता है. ब्लूमबर्ग ने 2024 में एपल के ऑडिट के आधार पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, इसमें सामने आया था कि 1 लाख आईफोन को स्क्रैप करने की बजाय चीन भेजा गया था.
आईफोन की तस्करी भारत में भी खूब होती है, इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में मुंबई एयरपोर्ट पर DRI ने 100 करोड़ से अधिक कीमत के 3600 आईफोन 13 जब्त किए थे. ये सभी हांगकांग से आए कंसाइनटमेंट में थे, जिसे मेमोरी कार्ड के नाम पर भेजा गया था. इसी साल दिल्ली कस्टम ने 90 आईफोन 12 प्रो बरामद किए थे, जिन्हें गारमेंट बताकर भेजा गया था, जिनकी कीमत 1 करोड़ रुपये के आसपास थी.
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