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Business Idea: न मुर्गी… न बकरी, इस पक्षी का करें पालन, अंडे-मांस दोनों से होगा तगड़ा मुनाफा, घर बैठे बन जाएंगे ‘लखपति’ – Madhya Pradesh News

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Quail Farming: जापानी विदेशी पक्षी से प्राप्त उत्पाद आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर माने जाते हैं, इसलिए इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है. किसान अगर सही तरीके से पालन करें, तो यह एक स्थायी व्यवसाय बन सकता है. (रिपोर्ट: सावन पाटिल)

पोल्ट्री फार्मिंग में आजकल नए-नए ऑप्शन सामने आ रहे हैं. जहां किसान पहले सिर्फ देशी मुर्गी या ब्रायलर मुर्गी का पालन करते थे, वहीं अब एक नया ट्रेंड बन रहा है जापानी विदेशी बटेर. पक्षी पालने का. यह विदेशी पक्षी न सिर्फ ज्यादा अंडे देता है, बल्कि इसका मांस भी देशी मुर्गे की तुलना में महंगा बिकता है. इसलिए बहुत से किसान अब इसे अपने पोल्ट्री फार्म में शामिल कर अच्छे मुनाफे की उम्मीद कर रहे हैं.

यह विदेशी पक्षी अपने आप में खास और अलग है. सामान्य मुर्गियों की तुलना में यह ज्यादा अंडे देता है. एक सामान्य देशी मुर्गी साल भर में लगभग 150 से 200 अंडे देती है, जबकि जापानी विदेशी पक्षी साल भर में 300 से 350 अंडे तक दे सकती है. इतना ही नहीं, यह अंडे आकार में भी बड़े और ताकतवर होते हैं, जिनकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है.

इस बटेर पक्षी का मांस भी देशी मुर्गे की तुलना में अधिक महंगा बिकता है. इसका कारण इसकी विशेष प्रजाति और पौष्टिक मांस माना जाता है. बड़े शहरों में, रेस्तरां और हॉटलों में इस पक्षी का मांस खूब पसंद किया जाता है, जिससे किसान को मुनाफा दोगुना होने की संभावना बन जाती है.

पोल्ट्री फार्मिंग के लिए जापानी विदेशी पक्षी के स्वस्थ और अच्छे जाति के चूजों को खरीदना जरूरी है. किसान बाजार से या पोल्ट्री विशेषज्ञों से इन्हें खरीद सकते हैं. सही जाति का चयन करने से अंडे और मांस की गुणवत्ता भी बेहतर होती है.

यह पक्षी सामान्य मुर्गियों की तरह नहीं रहता. इसे साफ-सुथरा, हवादार और सुरक्षित माहौल चाहिए. अच्छी तरीके से बना हुआ पिंजरा या पोल्ट्री हाउस हो, जिसमें पर्याप्त रोशनी और साफ पानी की व्यवस्था हो. सही तापमान और आर्द्रता पर ध्यान देना बेहद जरूरी है.

जापानी पक्षी को पौष्टिक आहार देना चाहिए. इसमें विशेष पोल्ट्री फीड का उपयोग किया जाता है, जिसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. नियमित रूप से साफ पानी देना भी जरूरी है ताकि पक्षी स्वस्थ और अंडे देने में सक्षम रहें.

इस विदेशी पक्षी को सामान्य बीमारियों से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण जरूरी होता है. साथ ही, समय-समय पर पशुचिकित्सक से जांच भी कराना चाहिए. नीम की पट्टी से छिड़काव करना फायदेमंद रहता है ताकि कीट और रोग से बचाव हो सके.

जापानी विदेशी पक्षी से मिलने वाले अंडे बड़े, मजबूत और पौष्टिक होते हैं. इन्हें सीधे स्थानीय बाजार में या औद्योगिक कंपनियों को बेचा जा सकता है. मांस को सही समय पर व उचित तरीके से काटकर होटल, रेस्टोरेंट और बड़े मार्केट में बेचने पर अधिक मूल्य मिल जाता है. इस तरह किसान का लाभ दोगुना हो जाता है.

जहां देशी मुर्गी के अंडे और मांस की कीमतें कभी-कभी स्थिर रहती हैं, वहीं जापानी विदेशी पक्षी के अंडे व मांस की मांग लगातार बनी रहती है. इससे किसान को हर महीने अच्छा लाभ मिलता है. यह पक्षी कम समय में ज्यादा अंडे देता है. साथ ही, इसका स्वास्थ्य भी अन्य मुर्गियों की तुलना में ज्यादा मजबूत होता है, जिससे कम खर्च में अधिक उत्पादन संभव होता है.

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न मुर्गी… न बकरी, इस पक्षी का करें पालन, अंडे-मांस से होगी छप्परफाड़ कमाई!

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