Last Updated:
होली का त्योहार हो और बैकग्राउंड में गाने न बजें, ऐसा तो हो ही नहीं सकता. लेकिन क्या आपने गौर किया है कि वक्त के साथ होली के गानों का रंग-रूप कितना बदल गया है? पहले जहां ‘रंग बरसे’ जैसी लोक धुनों में मिट्टी की सोंधी खुशबू आती थी, वहीं आज ‘बलम पिचकारी’ जैसे गानों ने डीजे फ्लोर पर कब्जा कर लिया है. ढोलक की थाप अब इलेक्ट्रॉनिक बीट्स में बदल चुकी है, फिर भी त्योहार का जोश रत्ती भर कम नहीं हुआ.

होली के मौके पर इन गानों का लोगों के सिर चढ़कर बोलता है खुमार.
रंग बरसे भीगे चुनर वाली (सिलसिला, 1981)
होली के दिन दिल खिल जाते हैं (शोले, 1975)
सारे रंगों से है (धरतीपुत्र, 1993)
90 के दशक में नदीम-श्रवण ने संगीत के परिदृश्य को बदला. उन्होंने लोक संगीत को लार्जर दैन लाइफ बनाया. कुमार सानू और अलका याग्निक की आवाज में वह रूहानी मिठास थी, जो 90 के दशक के रोमांस और त्योहारों की जान थी. इस गाने में ढोल की थाप और शहनाई जैसे वाद्ययंत्रों का ऐसा इस्तेमाल हुआ कि यह गाना पारंपरिक और मॉडर्न संगीत के बीच का एक खूबसूरत पुल बन गया. नदीम-श्रवण का नजरिया मेलोडी को सबसे ऊपर रखने का था.
होली खेले रघुवीरा (बागबान, 2003)
2000 के शुरुआती दौर में आदेश श्रीवास्तव ने अवध की पारंपरिक ‘होरी’ को दोबारा जिंदा किया. अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर साबित किया कि लोक गीतों का असली मजा बोलचाल वाली गायकी में ही है. आदेश श्रीवास्तव ने यहां तकनीक का इस्तेमाल तो किया, लेकिन गाने की आत्मा को देसी ही रहने दिया. यह गाना दिखाता है कि कैसे परिवार और परंपराएं संगीत के जरिए पीढ़ियों को जोड़ती हैं. इस गाने को बिग बी, उदित नारायण, सुखविंदर सिंह और अलका याग्निक ने गाया है.
बलम पिचकारी (ये जवानी है दीवानी, 2013)
रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण का यह गाना आज के न्यू एज संगीत का प्रतीक है. कंपोजर प्रीतम ने होली को पूरी तरह से एक यूथफुल पार्टी में बदल दिया है. विशाल ददलानी और शाल्मली खोलगड़े ने इसे हाई-एनर्जी और रॉक स्टाइल में गाया. यहां लोक धुनें बैकग्राउंड में चली गईं और इलेक्ट्रॉनिक बीट्स हावी हो गईं. आज के संगीतकारों का मानना है कि गाना ऐसा होना चाहिए जो क्लब और डीजे फ्लोर पर आग लगा दे. इसमें ट्रेडिशनल से ज्यादा ट्रेंडी होने पर जोर है.
About the Author

साल 2015 में दैनिक भास्कर से करियर की शुरुआत की. फिर दैनिक जागरण में बतौर टीम लीड काम किया. डिजिटल करियर की शुरुआत आज तक से की और एबीपी, ज़ी न्यूज़, बिज़नेस वर्ल्ड जैसे संस्थानों में काम किया. पिछले 6 सालों से …और पढ़ें
March 04, 2026, 07:01 IST





